गले की बीमारी दूर करने का राजा शहतूत

शहतूत क्या गजब का फल है परमात्मा ने सृष्टि में यह इतना महत्वपूर्ण बनाया है शायद इसका मुकाबला कोई फल कर सके दुनिया में कोई ऐसा फल नहीं है जो शहतूत से महत्वपूर्ण हो क्योंकि शहतूत शरीर की सफाई बहुत ही बेहतर करता है।
शहतूत अगर मिले तो हमें अवश्य खाना चाहिए क्योंकि आवंला नींबू से बेहतर सफाई कारक जामुन होता है और जमुना से सैकड़ो गुना बेहतर शहतूत होता है।

एक वर्ष के अन्दर शहतूत एक हफ्ता जरूर खाना चाहिए, चाहे पका मिल जाए कच्चा मिल जाए चाहे जैसे भी मिले अवश्य खाना चाहिए। कच्चा मिल जाए तो चटनी के रूप में खा लेन चाहिए जैसा भी मिल जाए शहतूत का सेवन करना चाहिए।

गले की बीमारी के लिए
जिस व्यक्ति को टॉन्सिल की शिकायत हो फैरिंजाइटिस की शिकायत, लैरिंजाइटिस की शिकायत हो या थायराइड की दिक्कत रहती हो ऐसे व्यक्ति नियमित रूप से शहतूत का सेवन करें और जब सीजन ना हो शहतूत का शरबत सेवन करें तो गले की बीमारी तो दूर होती है साथ ही साथ इम्युनिटी पावर बहुत तेजी से बढ़ती है।

रक्त संचार में सुधार
रक्त संचार में सुधार के लिए शहतूत के लाभ हासिल किए जा सकते हैं। दरअसल, शहतूत में सायनायडिंग 3-ग्लूकोसाइड नाम का फाइटोन्यूट्रिएंट पाया जाता है। यह खून को साफ करने के साथ ही रक्त संचार में भी सुधार कर सकता है। इस कारण हम यह कह सकते हैं कि शहतूत के सेवन से न केवल खून में मौजूद अशुद्धियों को दूर किया जा सकता है, बल्कि रक्त परिसंचरण यानी ब्लड सर्कुलेशन की प्रक्रिया को भी नियंत्रित किया जा सकता है।

मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक
मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी शहतूत को उपयोग में ला सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक शहतूत में साइटोप्रोटेक्टिव यानी कोशिकाओं को नुकसान से बचाने वाला और तंत्रिका तंत्र से संबंधी समस्याओं को दूर करने वाला न्यूरोप्रोटेक्टिव प्रभाव पाया जाता है। ये दोनों प्रभाव संयुक्त रूप से मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं, इस कारण हम कह सकते हैं कि दिमागी स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए शहतूत का सेवन काफी लाभकारी साबित हो सकता है।

ब्लड शुगर को करे नियंत्रित
शहतूत में हाइपरग्लाइसेमिक प्रभाव पाया जाता है, जो शरीर में इंसुलिन की सक्रियता को बढ़ा सकता है और खून में शुगर की अधिक मात्रा को कम करने में सहायक हो सकता है। इस कारण डायबिटीज के रोगियों के लिए शहतूत का सेवन एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।

पाचन क्रिया को करे मजबूत
विशेषज्ञों के मुताबिक शहतूत की पत्तियों में कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो पाचन के लिए जरूरी हैं। यह पाचक रसों के बनने की प्रक्रिया को तेज कर सकते हैं वहीं, फल के अलावा, कच्चे फल से बने पाउडर का सेवन पाचन प्रक्रिया को मजबूत कर सकता है,ऐसे में यह माना जा सकता है कि बिगड़ी पाचन शक्ति को फिर से दुरुस्त करने में शहतूत के लाभ मददगार साबित हो सकते हैं।

Dr. (Vaidhya) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy
Kankhal Hardwar
Email:- aapdeepak.hdr@gmail.com
Contact:9897902760

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