श्रीराम मंदिर निर्माण को साध्वी ऋतम्भरा ने दिया 1 करोड़ का चैक
हरिद्वार। विश्व हिन्दू परिषद की केन्द्रीय मार्गदर्शक मण्डल की दो दिवसीय बैठक श्री कृष्ण निवास आश्रम कनखल में शुक्रवार को संपन्न हो गई। बैठक के प्रथम दिवस के दो सत्रों में भारतीय संस्कृति और संस्कारों पर कुठराघात, समलैंगिकता और लिव इन रिलेशनशिप, देश के सभी मठ-मंदिर को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करना जैसे विषयों पर संतो ने अपने विचार प्रकट कर गहन चिंतन मनन किया। संतों ने देश में निर्बाध गति से चल रहे अवैध धर्मान्तरण, वक्फ बोर्ड को असीमित अधिकार पर चिंता व्यक्त करते हुए अपने विचार प्रकट किए। विश्व हिन्दू परिषद की केन्द्रीय मार्गदर्शक मण्डल की दो दिवसीय बैठक के अंतिम दिवस का समापन सत्र श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के न्यासी युगपुरुष महामंडलेश्वर परमानंद महाराज की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। बैठक में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने संतांे का माल्यार्पण कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
समापन सत्र का विषय देश के समस्त धर्माचार्य तथा संतों से विश्व हिन्दू परिषद का आदिवासी, वनवासी, वंचित क्षेत्रों में वर्ष में एक पखवाड़ा प्रवास करने का निवेदन रहा जिसका संतों ने स्वागत कर सहयोग करने का संकल्प लिया। साध्वी ऋतंबरा ने अपने गुरु महामंडलेश्वर युगपुरुष परमानंद महाराज के माध्यम से श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महामंत्री तथा विश्व हिन्दू परिषद के उपाध्यक्ष चंपत राय, विश्व हिन्दू परिषद के संरक्षक दिनेश चंद्र को एक करोड़ का चैक भगवान श्री राम जन्मभूमि पर बन रहे मंदिर के लिए भेंट किया।
उपवेशन में विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे ने वर्तमान समय में संतों धर्माचार्यों को गांव-गांव जाकर धर्मसम्मत प्रचार करने की जरूरत बताया। आज भारतीय संस्कृति और संस्कारों पर चौतरफा प्रहार हो रहें हैं। समाज में नकारात्मक विचारों का प्रभाव बढ़ रहा हैं, नैतिक और जीवन मूल्यों का ह्रास हो रहा हैं, यह संस्कारों का शरण हैं। समाज में विदेशी षडयंत्रों पर आधारित सोशल मीडिया के माध्यम से गलत विमर्श स्थापित किए जा रहें हैं, उनको समझ कर तत्काल प्रतिकार करने की आवश्यकता हैं। मिलिंद परांडे ने कहा कि पंजाब से लेकर पूर्वोत्तर तक धर्मांतरण का कुचक्र चल रहा हैं। समाज और परिवार का प्रबोधन वर्तमान समय की महती आवश्यकता हैं।
निर्वाणी पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर विशोकानंद महाराज, साध्वी ऋतंबरा, स्वामी अजनेशानंद सरस्वती बिहार, घीसापंथाचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कृष्णानंद महाराज, गरीबदासाचार्य महामंडलेश्वर स्वामी ब्रह्मस्वरूप महाराज छोडानी धाम, बंजारा समाज के सर्वोच्च धर्मगुरु बाबूसिंह महाराज के साथ अनेक पूज्य संतांे ने अपने विचार व्यक्त किए। बैठक में देश भर से 350 शीर्ष संतों एवं 70 साध्वी धर्माचार्यो ंने प्रतिभाग किया।
विश्व हिन्दू परिषद के संरक्षक दिनेश चन्द्र, केन्द्रीय उपाध्यक्ष एवं राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र के महामंत्री चंपत राय, केन्द्रीय संगठन महामंत्री विनायकराव देशपांडे, केन्द्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे, केंद्रीय संयुक्त महामंत्री कोटेश्वर राव ने सभी का स्वागत किया।


