देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में 15 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में श्रमिकों के हितों की सुरक्षा, शिक्षा, खेल, न्यायिक ढांचे, सहकारिता, औद्योगिक विकास और आधारभूत संरचना से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए।
कैबिनेट ने प्रदेश में संचालित गौ पालन योजना का लाभ अब सामान्य वर्ग के लोगों तक भी पहुंचाने का निर्णय लिया है। वहीं, पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वन क्षेत्रों में उपलब्ध जड़ी-बूटियों के बेहतर उपयोग के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चाधिकार प्राप्त समिति में संशोधन किए जाने का भी फैसला लिया गया।
बैठक में उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली को मंजूरी दी गई। इसके तहत संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के हितों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। नियमों के अनुसार प्रत्येक माह की 7 तारीख तक मजदूरी का भुगतान करना अनिवार्य होगा तथा पुरुष और महिला श्रमिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाएगा।
प्रमुख फैसले
उत्तराखंड माल एवं सेवा कर (संशोधित अध्यादेश को मंजूरी।
उत्तराखंड उच्च न्यायालय को हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र में 30 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, हल्द्वानी के लिए 122 नए पदों के सृजन को स्वीकृति।
समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावासों की संचालन नियमावली-2026 को मंजूरी।
जल जीवन मिशन के तहत केंद्र सरकार की गाइडलाइंस को प्रदेश में लागू करने का निर्णय, जिससे योजनाओं का हस्तांतरण संभव होगा।
उत्तराखंड सहकारी समिति नियमावली में संशोधन कर कुष्ठ रोग से पीडि़त व्यक्तियों को भी समिति का सदस्य बनने की अनुमति।
मेरठ-हरिद्वार गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ समझौते को मंजूरी।
उत्तराखंड औद्योगिक नियमावली को स्वीकृति, जिससे नियोजक और कर्मकार के बीच संबंध बेहतर होंगे तथा शिकायतों के त्वरित निस्तारण की व्यवस्था मजबूत होगी।
छंटनी किए गए कर्मचारियों को दोबारा रोजगार का अवसर देने का प्रावधान।
वन विकास निगम सेवा संशोधन नियमावली को मंजूरी, जिसमें स्केलर पद के लिए 100 अंकों की परीक्षा का प्रावधान किया गया है।


