उर्मिला सनावर को जमानत, आज जेल में ही कटेगी रात; तीन नवंबर को होगी रिहाई

हरिद्वार की अदालत ने 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और दो सक्षम जमानतियों की शर्त पर दी राहत


हरिद्वार। पूर्व विधायक सुरेश राठौर की बेटी दीपिका राठौर की ओर से दर्ज कराए गए पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और धमकी देने के मामले में आरोपी उर्मिला सनावर को अदालत से जमानत मिल गई है। हालांकि, जमानत मंजूर होने के बावजूद उर्मिला सनावर सोमवार को जेल से रिहा नहीं हो पाएंगी। उनकी रिहाई मंगलवार, तीन नवंबर को सक्षम जमानती पेश किए जाने के बाद ही हो सकेगी। ऐसे में उन्हें एक और रात जिला कारागार रोशनाबाद में बितानी होगी।


अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने दो नवंबर को उर्मिला सनावर का जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया। अदालत ने 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और समान धनराशि के दो सक्षम जमानती प्रस्तुत करने पर रिहाई के आदेश दिए हैं।
उर्मिला सनावर की अधिवक्ता प्रीति सिंह चौहान ने बताया कि अदालत ने जमानत मंजूर कर ली है और आदेश भी जारी हो गया है। मंगलवार को सक्षम जमानती पेश किए जाएंगे, जिसके बाद जेल से रिहाई की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।


पांच करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप
पूर्व विधायक सुरेश राठौर की बेटी दीपिका राठौर ने अपनी और अपने परिवार की जान को खतरा बताते हुए उर्मिला सनावर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। 25 अक्तूबर को हरिद्वार की रानीपुर कोतवाली में दर्ज मुकदमे में पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगाया गया था।


शिकायत के मुताबिक, उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर दीपिका राठौर और उनके परिवार के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक एवं मानहानिकारक टिप्पणियां कीं। इसके अलावा व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से रविदास धाम की संपत्ति अपने नाम कराने और पांच करोड़ रुपये की मांग करने का भी आरोप लगाया गया।


शिकायत में यह भी आरोप है कि मांग पूरी नहीं होने पर दीपिका और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और 25 अक्तूबर को सहारनपुर स्थित आवास पर दबिश देकर उर्मिला सनावर को गिरफ्तार किया। अदालत में पेशी के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जिला कारागार रोशनाबाद भेज दिया गया था।


अभियोजन ने किया जमानत का विरोध
जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान उर्मिला सनावर की ओर से अधिवक्ता प्रीति सिंह चौहान ने पक्ष रखा, जबकि अभियोजन की ओर से अभियोजन अधिकारी धर्मेंद्र सिंह आर्य ने जमानत का विरोध किया।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में दलील दी कि उर्मिला सनावर के खिलाफ इसी संदर्भ में पहले भी दस मुकदमे दर्ज हैं और जमानत मिलने पर वह इसका दुरुपयोग कर सकती हैं।


दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि लगाए गए अधिकांश आरोपों की धाराएं जमानतीय प्रकृति की हैं। वहीं, धारा 308(5) के तहत अपराध प्रथम दृष्टया बनता प्रतीत नहीं होता। अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि अभियुक्ता महिला है और उस पर लगाए गए अपराध मृत्यु या आजीवन कारावास से दंडनीय नहीं हैं। इन परिस्थितियों के आधार पर अदालत ने जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।


इन धाराओं में दर्ज है मुकदमा
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(5), 308(7), 356(2), 356(3) और 79 के साथ स्त्री अशिष्ट रूपण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। उर्मिला सनावर 25 अक्तूबर से जिला कारागार में बंद हैं।

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