हरिद्वार। सिद्धपीठ सूरत गिरि बंगला गिरिशानंद आश्रम के यशस्वी कोठारी ब्रह्मलीन स्वामी कैवल्यानंद सरस्वती महाराज का 26वां दो दिवसीय निर्वाणोत्सव मंगलवार से आश्रम के परमाध्यक्ष महामण्डलेश्वर आचार्य स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरि महाराज की अध्यक्षता में आरम्भ हुआ।
निर्वाणोत्सव का शुभारम्भ सुन्दर कांड पाठ से हुआ। इस अवसर पर अपने आशीर्वचन देते हुए महामण्डलेश्वर आचार्य स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरि महाराज ने स्वमी कैवल्यानंद सरस्वती महाराज को दिव्य संत बताते हुए उनके जीवन के अनेक प्रसंग को सुनाया। उन्होंने कहाकि महापुरूष केवल शरीर का त्याग करते हैं। शरीर का त्याग करने के बाद भी वे अपने भक्तों के बीच रहकर उनके कल्याण का मार्ग प्रशस्त करते रहते हैं।
इसके पश्चात विद्वान ब्राह्मणों द्वारा संगीतमय सुन्दर कांड पाठ का आयोजन किया गया। सुन्दर कांड पाठ की समाप्ति पर सामूहिक गंगा पूजन व गंगा आरती की गई। बुधवार को निर्वाणोत्सव कार्यक्रम की श्रृंखला में प्रातः 7 बजे रूद्राभिषेक होगा। इसके पश्चात संतों के अशीर्वचन व भण्डारे का आयोजन किया जाएगा।
इस दौरान कोठारी स्वामी उमानन्द गिरि, स्वामी कमलानंद गिरि, स्वामी दिलीप भारती व अन्य संत व भक्तजन उपस्थित रहे।


