दो साल से फरार आरोपी ऐथल के पास आम के बाग से दबोचा, देहरादून से प्रयागराज तक दर्ज हैं मुकदमे
विनोद धीमान
हरिद्वार। रेलवे सिग्नल से छेड़छाड़ कर लूट की वारदात को अंजाम देने के मामले में फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को जीआरपी ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी कैनूर दो साल से पुलिस की पकड़ से बाहर था। जीआरपी ने 13 अक्टूबर की शाम ऐथल रेलवे स्टेशन के पास आम के बाग में दबिश देकर उसे दबोच लिया। आरोपी के खिलाफ देहरादून, लक्सर और प्रयागराज में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस के मुताबिक, 17 मई 2024 को डोईवाला और लक्सर रेलवे स्टेशनों के बीच सिग्नल से छेड़छाड़ कर लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था। मामले में आरपीएफ पोस्ट लक्सर के रविकुमार सिवाच की तहरीर पर जीआरपी लक्सर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान आरोपी कैनूर का नाम सामने आया, लेकिन वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार फरार रहा। उसकी गिरफ्तारी नहीं होने पर सात जनवरी 2026 को उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
लंबे समय से आरोपी की तलाश में जुटी जीआरपी ने मंगलवार शाम करीब 7.05 बजे ऐथल रेलवे स्टेशन के पास आम के बाग में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। अब उसे न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।
देहरादून से प्रयागराज तक दर्ज हैं मुकदमे
जीआरपी के अनुसार, आरोपी के खिलाफ देहरादून जीआरपी में वर्ष 2018 में लूट का मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा लक्सर जीआरपी में वर्ष 2024 का लूट का मामला और प्रयागराज जीआरपी में वर्ष 2024 व 2025 में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में दो मुकदमे दर्ज हैं।
जीआरपी एसपी अरुणा भारती ने बताया कि रेलवे में अपराध करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सिग्नल से छेड़छाड़ कर लूट के मामले में फरार इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। रेलवे यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में जीआरपी लक्सर थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव चौहान, एसओजी जीआरपी हरिद्वार के हेड कांस्टेबल करुणेश कुमार, हेड कांस्टेबल दीपक कुमार और कांस्टेबल मनोज कुमार शामिल रहे।

