राहुल गांधी के पास बोलने को कुछ नहीं, देश, सेना और शहीदों को बदनाम करने में रुचि: फडणवीस

हरिद्वार। ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी की समाधि स्थल पर उनकी मूर्ति स्थापना का तीन दिवसीय समारोह का आज शुभारम्भ हुआ। कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ भारत माता मन्दिर से सप्तऋषि मैदान स्थित आयोजन स्थल तक निकाली गई भव्य शोभायात्रा से हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं एवं संत समाज की विशाल उपस्थिति रही।

अपने उद्बोधन में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी को राष्ट्र की अमूल्य विभूति बताते हुए कहा कि उन्होंने भारत माता मन्दिर की स्थापना कर राष्ट्र की चेतना, एकता एवं अखण्डता को सुदृढ़ करने का कार्य किया। उन्होंने समाज के वंचित, उपेक्षित एवं शोषित वर्ग तक सेवा और सहायता पहुँचाने का प्रेरणादायी कार्य किया। उन्होंने कहा कि गुरुदेव की मूर्ति स्थापना केवल श्रद्धा का प्रतीक ही नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए राष्ट्रनिर्माण की प्रेरणा भी है।


इस अवसर पर मंच से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उनके लिए गौरव का क्षण है कि वो ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी की समाधि स्थल पर उनकी मूर्ति स्थापना समारोह में शिरकत करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी महाराज ने अध्यात्म के साथ साथ राष्ट्र के विकास के लिए भी प्रचार प्रसार किया। उन्होंने भारत माता मंदिर की स्थापना करके सनातन संस्कृति के प्रतीक के रूप भारत माता को स्थापित किया। उनके कार्यों का उल्लेख समन्वय के रूप में समाज को जोड़कर एक साथ लाने का कार्य किया।


नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संसद में दिए पूर्व सेना प्रमुख को लेकर दिए बयान पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पलटवार किया। उन्होंने कहाकि राहुल गांधी को झूठे आरोप लगाकर अपने देश, अपनी सेना और शहीदों को बदनाम करने में ही रुचि दिखाई पड़ती है। उनके पास बोलने के लिए कुछ नहीं है। इसलिए सुर्खियां बातों ने और चर्चा में रहने के लिए ही इस प्रकार की बातें उठाते हैं।


देवेंद्र फडणवीस ने कहा हमारी संस्कृति और विचार दुनिया में सबसे पुराने हैं। हमें इतिहास और विज्ञान को साथ लेकर दुनिया में अपनी सभ्यता का विकास करना है। हमारी जीवन पद्धति ने कभी किसी को बहिष्कृत नहीं किया। इसी कारण से दुनिया के इतिहास में भारत की सभ्यता निरंतर चल रही है। इस सभ्यता को स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी जैसे वाहक मिले। उन्होंने इस सभ्यता को अगली पीढ़ियों तक पहुंचाने का कार्य किया। उनका मानना है कि आज यह कार्यक्रम उनके कार्यों को बढ़ाने के लिए ही आयोजित किया जा रहा है।


कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया, मध्यप्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज, जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी, अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष एवं भारत माता मंदिर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव, महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद गिरी और महामंडलेश्वर ललितानंद गिरी समेत कई अतिथि उपस्थित रहे।

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