गंगा पुल पर सियासी घमासान: 107 करोड़ स्वीकृत, फिर भी निर्माण शुरू नहीं

पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद ने सरकार से मांगा हिसाब
विनोद धीमान
हरिद्वार।
लक्सर क्षेत्र के रामपुर रायघटी के पास गंगा नदी पर प्रस्तावित पुल निर्माण को लेकर सियासत तेज हो गई है। करीब 107 करोड़ रुपये स्वीकृत होने के बावजूद पुल का निर्माण कार्य शुरू न होने पर पूर्व राज्य मंत्री रवींद्र सिंह आनंद ने सरकार और विभागों को घेरते हुए तीखे सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पुल न बनने से हजारों किसान आज भी गंगा पार अपनी खेती तक पहुंचने के लिए नाव के सहारे जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं।

घोषणा हुई, बजट भी स्वीकृत, फिर काम क्यों नहीं?
पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद ने बताया कि वर्ष 2024 मेंमुख्यमंत्री की घोषणा के तहत रामपुर रायघटी क्षेत्र में गंगा नदी पर पुल निर्माण की घोषणा की गई थी। इसके बाद पीडब्लूडी ने परियोजना का आंगनन तैयार किया और करीब 107 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत भी कर दी गई।


आनंद ने सवाल उठाया कि जब सरकार की घोषणा हो चुकी है, बजट स्वीकृत है और पूरी योजना तैयार है, तो फिर पुल निर्माण कार्य अब तक धरातल पर क्यों नहीं उतर पाया। उन्होंने कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि स्वीकृत धनराशि का क्या हुआ और परियोजना में देरी के पीछे असली कारण क्या हैं।

नाव के सहारे जान जोखिम में डाल रहे किसान
उन्होंने बताया कि यह पुल रामपुर रायघटी से नागल सोती गांव के बीच प्रस्तावित है। पुल बनने से क्षेत्र के हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलता, जो गंगा पार स्थित अपनी कृषि भूमि तक पहुंचने के लिए आज भी नाव का सहारा लेते हैं। कई बार ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जब किसानों की फसल, ट्रैक्टर या अन्य वाहन गंगा में बह गए। इसके बावजूद मजबूरी में किसानों को यही जोखिम भरा रास्ता अपनाना पडघ् रहा है।

हादसे के बाद भी नहीं जागा सिस्टम
रविंद्र सिंह आनंद ने हाल की एक दुखद घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ समय पहले एक व्यक्ति बाइक सहित गंगा नदी में बह गया था, जिसका अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। उन्होंने कहा कि जब इस तरह के हादसे हो रहे हैं, तब भी यदि सरकार और विभाग नहीं जागते तो यह बेहद चिंताजनक है।

आजादी के बाद भी जोखिम भरी जिंदगी
उन्होंने कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी क्षेत्र के किसान उसी तरह जान जोखिम में डालकर खेती करने को मजबूर हैं, जैसे दशकों पहले थे। यदि उनकी स्थिति नहीं बदली तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या इन किसानों को आज तक वास्तविक आजादी मिल पाई है।

सियासी खींचतान में फंसी परियोजना?
पूर्व राज्य मंत्री ने आरोप लगाया कि कहीं ऐसा तो नहीं कि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और वर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बीच राजनीतिक वर्चस्व की खींचतान के कारण यह परियोजना ठंडे बस्ते में डाल दी गई है। उन्होंने कहा कि यदि राजनीति के कारण पुल निर्माण रुका है तो यह क्षेत्र की जनता के साथ बड़ा अन्याय है।

आंदोलन की चेतावनी
रविंद्र सिंह आनंद ने सरकार से मांग की कि पुल निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराया जाए और स्वीकृत धनराशि का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर बडघ जनआंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान डॉ. अनिल कुमार, अर्जुन सिंह, विलियम्स, अरमान बेग और हुकुम सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *