साजिशकर्ता पूर्व महामण्डलेश्वर मंदाकिनी पुरी व घनश्याम पटेल फरार
उज्जैन के प्रसिद्ध चारधाम मंदिर के महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद महाराज को हनीट्रैप में फंसाकर रेप के झूठे केस में ब्लैकमेल करने की साजिश के मामले में नया खुलासा हुआ है। जिस महिला को इस हनीट्रैप के लिए लाया गया था, पुलिस ने अब उसी को फरियादी बना लिया है।
महिला ने पुलिस को दिए बयान में कई अहम राज खोले हैं। महिला का आरोप है कि साजिश रचने वाली पूर्व महामंडलेश्वर साध्वी मंदाकिनी ने उसके नहाते समय अश्लील वीडियो बना लिए थे। बाद में इन वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर उसे घनश्याम पटेल से मिलवाया गया और महामंडलेश्वर को फंसाने की योजना समझाई गई।
महिला के मना करने पर उसे 50 हजार रुपए का लालच भी दिया गया। इस मामले में पुलिस ने साध्वी मंदाकिनी और घनश्याम पटेल के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। वहीं, घनश्याम पटेल ने अग्रिम जमानत के लिए उज्जैन कोर्ट में आवेदन लगाया था, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।

8 मार्च को बनारस से आई महिला से मिलने के लिए घनश्याम पटेल उज्जैन के दत्त अखाड़ा परिसर पहुंचा था। वह महिला का बयान रिकॉर्ड कराने की बात को लेकर दत्त अखाड़ा के महंत आनंद पुरी महाराज के पास गया था। इसी दौरान वहां पंडित लोकेश शर्मा और संजय गोस्वामी भी पहुंचे।
उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली और सच्चाई सामने आने पर इसकी सूचना उज्जैन के एसपी प्रदीप शर्मा को दी। मामले को गंभीर मानते हुए एसपी ने तत्काल पुलिस अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए। इसके बाद महिला ने घनश्याम पटेल और साध्वी मंदाकिनी पर हनीट्रैप की साजिश रचने के आरोप लगाए। महिला के आरोपों के आधार पर पुलिस ने साध्वी मंदाकिनी और घनश्याम पटेल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। बनारस से आई महिला ने बताया कि साल 2024 में शिप्रा परिक्रमा के दौरान उसकी मुलाकात कई संतों से हुई थी। इसी दौरान साध्वी राजराजेश्वरी माता ने उसे साध्वी मंदाकिनी से मिलवाया।
महिला के अनुसार, साध्वी मंदाकिनी ने उसे बताया कि उनके यहां काम करने के लिए किसी की जरूरत है और उसे वहीं रुकने के लिए कहा। इसके बाद उसका वहां आना-जाना शुरू हो गया। महिला होने के कारण उसने साध्वी मंदाकिनी पर विश्वास कर लिया। महिला ने बताया कि साध्वी खुद को पूरे भारत की सबसे बड़ी तांत्रिक बताती थीं। क्योंकि वह पूजा-पाठ में बहुत विश्वास करती है, इसलिए उसने उनकी बातों पर भरोसा कर लिया।
कहाकि जनवरी 2026 में मैं मंदाकिनी से पूजा-पाठ सीखना चाहती थी, इसलिए उन्होंने मुझे काम पर रख लिया। इस दौरान मेरा आना-जाना उनके घर होता रहा। गुप्त नवरात्रि में मैं एक हफ्ते उनके घर रही। इस दौरान जब मैं नहा रही थी, तो मंदाकिनी ने मेरे बिना कपड़ों का एक फोटो अपने मोबाइल से लिया, जो सामने का था। जब मैंने इसका विरोध किया, तो उन्होंने कहा कि फोटो डिलीट कर दूंगी। मुझे तब यह भी नहीं पता था कि महामंडलेश्वर किसे कहते हैं। मंदाकिनी कहती थी कि जब तक मुझे महामंडलेश्वर नहीं बनाएगा, तब तक मैं उसे छोड़ने वाली नहीं हूं। उन्होंने मुझसे कहा कि स्वामी जी ने मुझसे शोषण किया है और यही बात मुझे बोलनी है।
पीडि़ता ने बताया कि 27 फरवरी 2026 को घनश्याम पटेल उससे मिलने बनारस आया। वहां उसने कहा कि अगर वह उज्जैन आकर महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद के खिलाफ झूठा बलात्कार प्रकरण दर्ज करवाएगी, तो वह उसे 50 हजार रुपए देगा।
अगर वह ऐसा नहीं करेगी, तो उसे धमकी दी गई कि साध्वी मंदाकिनी ने उसके कुछ अश्लील फोटो ले लिए हैं, जिन्हें वह सार्वजनिक कर देगी। घनश्याम पटेल ने महिला के बेटे के मोबाइल पर 2 हजार रुपए भेजे और बनारस से उज्जैन का संजय ट्रैवल्स का टिकट भी भेजा।
महिला ने पुलिस को बताया कि घनश्याम पटेल ने उसे महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद के खिलाफ झूठे रेप मामले में प्रकरण दर्ज करवाने के लिए बुलाया। पूरे मामले की जानकारी मिलने पर संतों ने इसे पुलिस से शिकायत की।
आरोपी घनश्याम पटेल की ओर से गुरुवार को सत्र न्यायालय उज्जैन में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई थी। इस याचिका में महामंडलेश्वर स्वामी शांति स्वरूपानंद की ओर से सीनियर एडवोकेट वीरेंद्र शर्मा ने कोर्ट के सामने तर्क रखे। उन्होंने बताया कि आरोपी ने महामंडलेश्वर के खिलाफ झूठा केस दर्ज करवाकर सनातन संस्कृति, संत समाज और उज्जैन शहर की प्रतिष्ठा को पूरे विश्व में धूमिल करने की साजिश रची है। इसके साथ ही मंदाकिनी के मोबाइल में मौजूद अश्लील वीडियो के मामले की भी जांच जरूरी है। न्यायालय ने तर्कों को गंभीरता से लेते हुए आरोपी घनश्याम पटेल की जमानत निरस्त कर दी।
ममता जोशी उर्फ मंदाकिनी पहले संतों के धार्मिक आयोजनों में रसोई बनाने का काम करती थीं। इस दौरान वे साधु-संतों के संपर्क में आईं। महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद महाराज को हनी ट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल करने की साजिश मामले में पुलिस ने पूर्व महामंडलेश्वर साध्वी मंदाकिनी पुरी और उनके साथी घनश्याम पटेल के खिलाफ केस दर्ज किया है। दोनों फरार बताए गए हैं।


