विनोद धीमान
हरिद्वार। कोर्ट के आदेश पर ग्राम पंचायत बोडाहेडी, रायपुर दरेडा की वर्तमान ग्राम प्रधान समेत पांच लोगों के खिलाफ गाली-गलौज, मारपीट, जान से मारने की धमकी देने और फर्जी शैक्षिक दस्तावेजों के सहारे ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने के गंभीर आरोपों में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार,ज्योतिराम पुत्र स्व. चेतराम, निवासी ग्राम रायपुर दरेडा, थाना पथरी ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर ग्राम प्रधान पूजा पत्नी सुनील, उनके पति सुनील, अशोक, रामकिशोर उर्फ छोटा और संजय निवासीगण ग्राम पंचायत बोडाहेडी रायपुर दरेडा को नामजद किया था।
प्रार्थना पत्र में कहा गया कि वर्ष 2022 में हुए ग्राम प्रधान चुनाव में अनुसूचित जनजाति के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता कक्षा 8 निर्धारित थी। आरोप है कि पूजा ने नामांकन के दौरान कक्षा 8 की शैक्षिक योग्यता दर्शाते हुए अंकतालिका, टीसी व अन्य दस्तावेज शपथपत्र के साथ संलग्न किए, जिनके आधार पर निर्वाचन अधिकारी ने पर्चा स्वीकार कर लिया।
ज्योतिराम का दावा है कि इन दस्तावेजों को लेकर उन्हें संदेह था, जिस पर उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत राजाबाला शिक्षा निकेतन जूनियर हाई स्कूल, कवाल (मुजफ्फरनगर, उ.प्र.) से जानकारी मांगी। शिक्षा विभाग से प्राप्त सूचना के अनुसार पूजा ने उक्त विद्यालय से कोई शैक्षिक योग्यता प्राप्त नहीं की और न ही वहां अध्ययन किया।
आरोप है कि पूजा ने अपने पति व अन्य परिजनों के साथ साजिश कर फर्जी दस्तावेज तैयार कराए, ताकि पद का दुरुपयोग कर सरकारी धन का लाभ लिया जा सके। ज्योतिराम का कहना है कि जब यह जानकारी आरोपियों को हुई तो उस पर सूचना वापस लेने का दबाव बनाया गया। इंकार करने पर रंजिश बढ़ गई।
ज्योतिराम ने बताया कि 1 दिसंबर 2025 को शाम करीब 4 बजे गांव के बाहर सड़क पर खड़े होने के दौरान आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए लात-घूंसे से मारपीट की। शोर मचाने पर राहगीरों ने बीच-बचाव किया, लेकिन जाते-जाते जान से मारने की धमकी दी गई। डर के चलते उन्होंने गांव के डॉक्टर से इलाज कराया। घटना की शिकायत उसी दिन थाना पथरी और बाद में एसएसपी हरिद्वार से की गई, लेकिन कार्रवाई न होने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया।
थानाध्यक्ष मनोज नौटियाल ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


