अब अग्नि अखाड़े के महामण्डलेश्वर यौन शोषण में फंसे, कथा छोड़कर हुए फरार

शोषण के गंभीर आरोप झेल रहे श्रीपंच अग्नि अखाड़े के महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी ने शुक्रवार को कथा बीच में छोड़ दी। वे जबलपुर के भेड़ाघाट में बंधा हीरापुर स्थित अपने उत्तम सेवा संस्थान में कथा कर रहे थे। 15 फरवरी तक कथा का आयोजन होना था। श्रद्धालु इंतजार करते रहे। शिष्यों ने तबीयत खराब होने का हवाला दिया। व्यासपीठ पर बैठे शिष्य ने कथा सुनाई।

उत्तम स्वामी पर राजस्थान की एक युवती ने यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप सामने आने के बाद स्वामी मध्घ्य प्रदेश के जबलपुर में हो रही कथा के पंडाल में नहीं पहुंचे और कार्यक्रम प्रभावित हुआ। बताया जा रहा है कि गुरुवार तक कथा सामान्य रूप से चल रही थी, लेकिन यौन शोषण के आरोप का मामला सामने आने के बाद शुक्रवार को स्वामी पंडाल में नहीं पहुंचे और कथा वाचन नहीं हुआ। सुबह से ही पंडाल परिसर में मीडिया और पुलिस की मौजूदगी बढ़ गई थी। आयोजकों द्वारा लगातार घोषणा की जाती रही कि उत्तम स्वामी थोड़ी देर में कथा सुनाने आएंगे। दोपहर बाद यह सूचना दी गई कि स्वामी का स्वास्थ्य खराब है, इसलिए कथा वाचन एक अन्य स्वामी द्वारा किया गया।


राजस्थान निवासी एक युवती ने कथावाचक उत्तम स्वामी पर दिल्ली पुलिस को ई-मेल भेजकर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू करने और स्वयं व अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है। युवती का आरोप है कि आरोपी ने कई वर्षों तक अलग-अलग स्थानों पर उसका शोषण किया। उसका दावा है कि जब वह नाबालिग थी, उसी समय से यौन उत्पीड़न की शुरुआत हुई। धर्म और आस्था की आड़ में कई बार दुष्कर्म किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़िता के अनुसार, शिकायत और कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जानकारी मिलते ही उसे लगातार धमकियां मिल रही हैं।

उत्तम स्वामी कौन हैं?
यौन शोषण के गंभीर आरोपों का सामना करने वाले उत्तम स्वामी मूलरूप से महाराष्ट्र के अमरावती के रहने वाले हैं। अमरावती में जन्म के बाद ही इनकी रुचि कथावाचन में हो गई थी। वर्तमान में उत्तम स्वामी को ईश्वरानंद महाराज के नाम से भी जाना जाता है। ये एक कथावाचक और श्री पंच अग्नि अखाड़े के महामंडलेश्वर हैं। उत्तम स्वामी का मुख्य कार्यक्षेत्र राजस्थान का बांसवाड़ा और मध्य प्रदेश का जबलपुर (भेड़ाघाट) है।

उत्तम स्वामी का सरकारों में अच्छा दखल
बताते हैं कि उत्तम स्वामी का सरकारों में अच्छा खासा दखल है। आयोजनों में कई मुख्यमंत्री मंत्रियों का आना-जाना रहा है। उनके संपर्क में मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली कैडर के कुछ आइएएस भी थे। कुछ तो अच्छी पोस्टिंग के लिए संपर्क में रहते थे। उनके परिवारों की महिला सदस्य भी आयोजनों में देखी गईं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *