देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पुलिस हिरासत में पीआरडी (प्रांतीय रक्षक दल) जवान की संदिग्ध मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। रायपुर थाना हवालात में हुई सुनील रतूड़ी की मौत के मामले में अब मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी लगना बताया गया है। हालांकि मामले को पूरी तरह स्पष्ट करने के लिए विसरा सुरक्षित रखकर फॉरेंसिक साइंस लैब भेजा गया है।
डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
देहरादून के एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया गया। प्रारंभिक रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी सामने आया है। लेकिन मृतक के परिजनों द्वारा जताई गई आशंकाओं को देखते हुए आगे की जांच के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है।
एसएसपी ने बताया कि पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रेट जांच कराई जाएगी, ताकि घटना के हर पहलू की निष्पक्ष जांच हो सके।
शराब के नशे में हंगामे के बाद पुलिस हिरासत
पुलिस के अनुसार, घटना रायपुर थाना क्षेत्र की है। 112 पर सूचना मिली थी कि लाडपुर स्थित महादेव फ्यूल पेट्रोल पंप पर एक व्यक्ति शराब के नशे में हंगामा कर रहा है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके से पीआरडी जवान सुनील रतूड़ी को हिरासत में लेकर रायपुर थाने ले आई और हवालात में बंद कर दिया।
कुछ समय बाद पुलिस ने जब हवालात में देखा तो सुनील रतूड़ी बेहोशी की हालत में पाए गए। पुलिस का दावा है कि उन्होंने हवालात में मौजूद चादर से फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली।
परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
घटना के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। परिजनों का कहना है कि थाने के अंदर किसी व्यक्ति की मौत होना गंभीर मामला है, इसलिए इसकी निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस पर लापरवाही और सच्चाई छिपाने के आरोप लगाते हुए हत्या की आशंका जताई है।
एक पुलिसकर्मी सस्पेंड, चार पुलिस लाइन अटैच
घटना के बाद पुलिस विभाग ने प्रारंभिक कार्रवाई भी की है। डालनवाला थाना के उपनिरीक्षक कृष्ण कुमार सिंह को ड्यूटी के दौरान आचरण में लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा एसएचओ समेत चार पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन अटैच किया गया है।
निष्पक्ष जांच का भरोसा
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने कहा कि मामले में किसी भी तरह की लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मजिस्ट्रेट जांच के जरिए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


