हरिद्वार। तीर्थनगरी में यूं तो बड़े-बड़े कारनामे करने वाले मौजूद हैं, किन्तु धर्म की आड़ में एक और बड़ा कारनामा होने जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक मां मंशा देवी कथित ट्रस्ट में रिक्त हुए पद को भरने की तैयारी चल रही है। यह स्थिति तब है जब ट्रस्ट नाम की कोई चीज ही मौजूद नहीं है। बावजूद इसके ट्रस्ट कहकर प्रचारित व प्रसारित किया जा रहा है। यहां ऐसा ही है जैसे बिना सूत कपास के लट्ठम लट्ठा वाली। स्थिति यह है कि कथित ट्रस्टी बनकर गाडि़यों में बड़े-बड़े बोर्ड लगाकर अपना दबदबा बनाने की कोशिश लम्बे समय से चल रही है। मजेदार बात यह कि शासन-प्रशासन सब कुछ जानने के बाद भी आंखे मुंदे बैठा हुआ है।
सर्वविदित है कि मां मंशा देवी के नाम से कोई भी ट्रस्ट वर्तमान में अस्तित्व में नहीं हैं। जो ट्रस्ट था वह 1972 से अपंजीकृत की श्रेणी में चला आ रहा है। बावजूद इसके कथित ट्रस्ट के अध्यक्ष भी हैं और अन्य पदाधिकारी भी। कोर्ट के आदेश के बाद भी जिला प्रशासन आज तक कोई कार्यवाही नहीं कर पाया। अब उक्त कथित ट्रस्ट में कथित ट्रस्टी बिंदु गिरि की मृत्यु के बाद स्थान रिक्त हो गया है। सूत्र बताते हैं कि अब उस रिक्त हुए पद को भरने की कवायद शुरू की जा रही है। सूत्र बताते हैं कि रिक्त हुए पद में जिसको समायोजित करने की कोशिश की जा रही है उसके अपने की उसके पक्ष में नहीं हैं। कारण की पूर्व में कई लोगों को आश्वासन दिया जा चुका था। सूत्र बताते हैं कि चार व्यक्ति रिक्त हुए स्थान में अपना नाम जुड़वाने के इच्छुक हैं। अब देखना यह होगा की किसका नाम खाली स्थान में भरता है और कौन विरोध में झंडा बुलंद करता है। यूं तो रिक्त हुए एक स्थान पर एक ही नाम जोड़ा जाना है, किन्तु सूत्रों के मुताबिक किसी एक का भी नाम छोड़े जाने पर लट्ठम-लट्ठा होना लाजमी है।


