विनोद धीमान
हरिद्वार। रविवार को भागीरथीपुरम जियापोता स्थित डॉ. आरके वर्मा के आवास पर जन संघर्ष मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न सामाजिक और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष गुलशन खत्री ने कहा कि कोई भी संगठन सीधे तौर पर किसी को रोजगार नहीं दे सकता और न ही अकेले भ्रष्टाचार समाप्त कर सकता है, लेकिन संगठित होकर लोग किसी भी असामाजिक कृत्य, गलत नीति या जनविरोधी मुद्दे के खिलाफ प्रभावी आवाज उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि एकजुट संगठन संबंधित विभागों और अधिकारियों को जनहित में काम करने के लिए मजबूर कर सकता है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों से जुड़ने पर आम व्यक्ति की समस्याओं में कई बार जनप्रतिनिधि साथ नहीं होते, जबकि संगठन में जुड़े लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहते हैं। इसलिए संगठन का विस्तार कर अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ने की आवश्यकता है, जिससे जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाया जा सके।
प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल ठाकुर ने केंद्र सरकार के प्रस्तावित यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन) बिल की खामियों का जिक्र करते हुए इसे वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि जनता को अपनी आवाज बुलंद कर केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर जागरूक करना चाहिए।
वहीं जिला महामंत्री बिजेंद्र शीर्षवाल ने जगजीतपुर स्थित निगम की अरबों रुपये की जमीन को कब्जामुक्त कराने की मांग उठाई और इस मुद्दे पर जन आंदोलन की आवश्यकता बताई। बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने संगठन की युवा शक्ति को बढ़ाकर जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर रणवीर शर्मा, सुमित वर्मा, कुलदीप अरोड़ा, डॉ. आरके वर्मा समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।


