हरिद्वार। शनिवार को प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान रविदासीय धर्म प्रचारक संदीप खत्री ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे ऑडियो-वीडियो को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए आरोप लगाने वालों से पुलिस के समक्ष ठोस सबूत प्रस्तुत करने की मांग की है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
संदीप खत्री ने कहा कि अभिनेत्री उर्मिला सनावर और पूर्व विधायक सुरेश राठौर द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से ऑडियो-वीडियो प्रसारित कर दुष्प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि इनके पास कोई भी प्रमाण या ठोस साक्ष्य हैं तो उन्हें सार्वजनिक मंचों या सोशल मीडिया पर फैलाने के बजाय सीधे जांच एजेंसियों और पुलिस प्रशासन को सौंपना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि केवल बातचीत के आधार पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, लेकिन अब तक दोनों ही अपने दावों को सिद्ध करने में पूरी तरह असफल रहे हैं। संदीप खत्री ने कहा कि यह भी गंभीर प्रश्न है कि दोनों आरोप लगाने वाले पुलिस प्रशासन से क्यों बचते फिर रहे हैं। यदि वे स्वयं को सच्चा मानते हैं, तो उन्हें निर्भीक होकर पुलिस के सामने आकर अपनी बात रखनी चाहिए और तथ्यों के साथ सच्चाई सामने लानी चाहिए।
संदीप खत्री ने कहा कि अनर्गल, बेबुनियाद और झूठे आरोपों का समाज में कोई आधार नहीं होता। ऐसे आरोप न केवल व्यक्ति विशेष की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि प्रदेश की जनता को भी गुमराह करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि आरोपों में वास्तव में कोई सच्चाई है, तो कानून के दायरे में आकर उसे साबित किया जाए, न कि सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रम फैलाया जाए।
पत्रकार वार्ता के दौरान पुरुषोत्तम शर्मा ने भी कड़ा बयान दिया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अभिनेत्री उर्मिला सनावर और पूर्व विधायक सुरेश राठौर अपने आरोपों में सच्चे हैं, तो उन्हें बिना देरी किए सामने आना चाहिए और सबूत प्रस्तुत करने चाहिए। पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि यदि लगाए गए आरोप सही साबित हो जाते हैं, तो वे स्वयं जलसमाधि लेने तक के लिए तैयार हैं।
दोनों वक्ताओं ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई चाहे जिस पक्ष में हो, उसे कानून के माध्यम से सामने आना चाहिए, ताकि समाज में फैल रही भ्रांतियों और दुष्प्रचार पर विराम लग सके।


