प्राचीन अवधूत मंडल आश्रम में फूलों की होली ने सबको एक सूत्र में बांधा

हरिद्वार। प्राचीन अवधूत मंडल आश्रम के श्रीजी वाटिका में महामंडलेश्वर रूपेंद्र प्रकाश महाराज के सान्निध्य में होली महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम ने फूलों की होली के माध्यम से पर्यावरण अनुकूल उत्सव का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया, जहां रंगों की बजाय सुगंधित फूलों ने सभी को आकर्षित किया। वाटिका के हर कोने में फूलों की वर्षा होती रही, जिससे पूरा परिसर एक फूलों की घाटी सा प्रतीत हो रहा था।


कार्यक्रम की शुरुआत सुंदर संगीत और भजन-कीर्तन से हुई, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने भगवान कृष्ण की लीलाओं पर आधारित भजनों से माहौल को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद कई नामी कवियों ने अपनी होली पर केंद्रित रचनाएं सुनाईं, जो प्रेम, त्याग और सामाजिक सद्भाव की भावनाओं से ओतप्रोत थीं। कविताओं ने श्रोताओं के मन को मोह लिया और तालियों की गड़गड़ाहट से वातावरण गूंज उठा।


हरिद्वार शहर के अलावा आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति, राजनेता, समाजसेवी, धार्मिक गुरु और भक्त इस आयोजन में पहुंचें। कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का स्वागत पारंपरिक तरीके से किया गया। महामंडलेश्वर रूपेंद्र प्रकाश ने सभी का अभिवादन किया और होली के गहन संदेश पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहाकि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि जीवन में नई शुरुआत, प्रेम और एकता का प्रतीक है। फूलों की होली खेलकर हम मां प्रकृति के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं और प्रदूषण मुक्त उत्सव की मिसाल कायम करते हैं। इस अवसर पर सभी से अपील है कि वैमनस्य को भूलकर भाईचारा बढ़ाएं। यह आयोजन न केवल धार्मिक उत्साह का केंद्र बना, बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक भी।


कार्यक्रम में महंत विश्वास आनंद, नीरज सैनी, हीरालाल केसवानी, अमित सैनी, सुदेश सैनी, आशीष झा, अभिनंदन गुप्ता, सुभाष मलिक, राजकुमार अरोड़ा, प्रदीप मेहता, रंजना चतुर्वेदी, मनोज गौतम, कुशल श्रीवास्तव, सपना शर्मा, विशाल गर्ग सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *