हरिद्वार। जिले के रुड़की में केमिकल प्लांट के मैनेजर पर जान से मारने की नीयत से की गई फायरिंग के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार करते हुए उसके कब्जे से 315 बोर का देशी तमंचा और जिंदा कारतूस बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपने दादा की तेरहवीं पर कसम खाई थी कि वह मैनेजर को गोली मारकर मौत के घाट उतार देगा, लेकिन फायरिंग के बावजूद मैनेजर की जान बच गई, जिसका आरोपी को मलाल है।
जानकारी के मुताबिक बीते 18 मार्च को संजय मौर्या पुत्र जसवंत सिंह निवासी अंबर तालाब, कोतवाली गंगनहर रुड़की ने पुलिस को घटना की सूचना दी थी। अपनी शिकायत में संजय मौर्या ने बताया कि दीपेंद्र कुमार रात करीब आठ बजे काम खत्म कर अपने घर की ओर जा रहा था। जैसे ही वह पुरानी तहसील रुड़की में घनश्याम पेंटर के घर के सामने पहुंचा, तभी पीछे से भागता हुआ एक युवक आया।
आरोपी की पहचान कृष्णा अग्रवाल उर्फ कन्हैया पुत्र सुनील उर्फ काका के रूप में हुई, जिसने दीपेंद्र कुमार के पीछे से अपने हाथ में लिए देशी तमंचे से फायर कर दिया। आरोपी की नीयत दीपेंद्र कुमार की हत्या करने की थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर लिया। वहीं हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली गंगनहर ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम का गठन किया।
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने उसे अधिक समय तक नहीं बचने दिया। पुलिस टीम ने आरोपी कृष्णा अग्रवाल उर्फ कन्हैया को माधोपुर अंडरपास से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के सुनहरा गांव में उसका केमिकल प्लांट है। कुछ समय पहले दीपेंद्र कुमार उसके प्लांट में नौकरी करता था। बाद में संजय मौर्या ने अपने केमिकल प्लांट में दीपेंद्र कुमार को मैनेजर नियुक्त कर लिया था।
आरोप है कि मैनेजर बनने के बाद दीपेंद्र कुमार ने कन्हैया के केमिकल प्लांट से केमिकल खरीदने वाले कई ग्राहकों को अपने साथ जोड़ लिया, जिससे कन्हैया के कारोबार को भारी नुकसान होने लगा। परिवार में दो सदस्यों की मौत और कारोबार में लगातार नुकसान से कन्हैया मानसिक रूप से परेशान चल रहा था।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसके दादा की तेरहवीं बुधवार को थी और उसी दिन उसने कसम खाई थी कि वह मैनेजर दीपेंद्र को मौत के घाट उतारेगा। इसी कसम को पूरा करने के लिए वह दीपेंद्र की हत्या की योजना बनाकर उसकी तलाश में लगा रहा। बुधवार रात उसे मौका मिला, जब दीपेंद्र काम खत्म कर पैदल अपने घर जा रहा था। तभी उसने पीछे से दीपेंद्र पर गोली चला दी। गोली लगने के बाद दीपेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया।
आरोपी ने दीपेंद्र को खत्म करने के लिए तमंचे में दूसरा राउंड भी भर लिया था, लेकिन घायल होने के बावजूद दीपेंद्र उसके पीछे भागने लगा। इसी दौरान आसपास मौजूद लोगों ने भी आरोपी को घेरने की कोशिश की, जिसके कारण वह दूसरी गोली नहीं चला सका और मौके से फरार हो गया।
पीठ में गोली लगने से घायल दीपेंद्र को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे इस बात का मलाल है कि दीपेंद्र जिंदा बच गया और वह अपनी कसम पूरी तरह से नहीं निभा सका।


