प्रश्न: MAAsterG, हम सब कमाने के पीछे इतना भागते हैं कि हम जिंदगी जीना भूल जाते हैं, तो वो कौन सा बिंदु है जहाँ हमें ब्रेक लेना चाहिए और जिंदगी को जीना शुरू करना चाहिए?
जिंदगी को समझना ही जिंदगी को जीना है । हम जिंदगी कहते हैं पर हम जिंदगी को समझे ही नहीं कि ये जो शरीर रूपी यंत्र मिला है इसके अंदर जो जीवन है, अमूल्य है । इस शरीर के मरने के बाद पूरी दुनिया की दौलत देकर भी एक मिनट नहीं मिलता तो कैसे जिएँ ? तो सबसे महत्वपूर्ण ये है कि पहले हम अपने को जानें कि इस संसार में जो आना हुआ है, ये क्यों हुआ है और ये जिंदगी का खेल क्या है ? उसी को हम आध्यात्मिकता कहते हैं यानि अपने बारे में जानना ।जीवन में लाभ-हानि, मान-अपमान, जन्म-मृत्यु, सुख-दुख आएगा, जिंदगी को स्वीकार करें । स्वीकारना आ जाए तो जीवन की मौज बढ़ जाएगी और इसके आते ही आप हर पल मौज में आ जाते हो । अज्ञान के कारण परेशान हो, ज्ञान के कारण मौज आ जाएगी ।
प्रश्न: MAAsterG, इस युग में आप राग और द्वेष को एक साथ कैसे संभालते हैं ?
इस संसार में सब कुछ टेंपरेरी है । जिंदगी का जब ज्ञान मिल जाता है कि तुम यहाँ अस्थायी हो, तुम्हारे सम्बंध, बँगला, गाड़ी, दौलत, पोस्ट सब कुछ अस्थायी है; जब तुम समझ जाते हो कि – मेरा ये शरीर भी मरेगा और ये सब संसार के पदार्थ जाने वाले हैं, टेंपरेरी की मौज लेता रहा |
रिलैक्स मेरा मूल मंत्र है । हमेशा रिलैक्स में रहें, यदि आप परेशान हों तो पाँच मिनट के भीतर वापिसी करें, ये मेरा मूल मंत्र है । जब आप आराम में हो तो आराम में ही राम छुपा है । एक बार जब आप उस आंतरिक आराम में उतर जाते हैं तो अपने आप गॉड आपसे कुछ नहीं चाहता है वो आराम में रहना चाहता है । जो माँगा था तुझे तेरे नसीब मे दिया, अब तू मौज कर और अपने घर वापिस आ, तो आराम, रिलैक्स । हमेशा रिलैक्स में रहो, रिलैक्स ही मूल मंत्र है ।
प्रश्न : MAAsterG, हम हमेशा लोगों को देखकर तुलना करते हैं, इस तुलना की वजह से हम डिप्रेशन में जाते हैं, हम दुखी होते हैं , हम खुद को इतना मजबूत कैसे बना सकते हैं कि हमें कोई फर्क नहीं पड़े चाहे कोई कुछ भी कर रहा हो ?
एक भिखारी के यहाँ जन्म लेता है, एक सेठ साहूकार के यहाँ जन्म लेता है, क्यों ? जब एक बार आप भाग्य को समझ गए और जब आप अपना कर्म पूरी लगन से करते हैं तो फिर आप कभी परेशान नहीं होते । फिर कोई कहता है कि देख मेरा बँगला, तो आपको पहले ही पता है कि इस का बँगला है तो वो कितने दिन रहेगा । गाड़ी कितने दिन रहेगी । एक दिन श्मशान में बहुत बड़ा सेठ है या भिखारी है, दोनों को एक ही माचिस की तीली से जलना है, दोनों राख में जाएँगे । एक बार समझ लो कि सब कुछ अस्थायी है । जब आप अपने अस्तित्व को समझते हैं, फिर जीवन में कभी भी आप दुखी नहीं होंगे। अपने बारे में जानना होगा तभी जिंदगी आनंदमयी होती है । यही सब इन्होंने कहा जिनको भगवान कहते हैं । जब आप स्वयं से प्रेम करते हैं तभी आप सबसे प्रेम कर सकते हैं ।
MAAsterG का अनमोल एवं आलौकिक ज्ञान उनके यूट्यूब चैनल ‘MAAsterG’ पर निशुल्क उपलब्ध है । MAAsterG गारंटी देते हैं की 3-30 लेक्चर सुनने से ही आपको अपने जीवन में परिवर्तन दिखेगा।


