दुल्हन ने शादी से किया इंकार, दूल्हा व पिता को बनाया बंधक
पांच लाख देकर बची इज्जत, बिना दुल्हन के ही लौटी बारात
विनोद धीमान
हरिद्वार। शादी की शहनाइयों के बीच उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सात फेरों से पहले ही दूल्हा स्मैक के नशे में मंडप में गिर पड़ा। मामला थाना खानपुर क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव का है, जहां रुड़की से आई बारात को ऐसी जिल्लत झेलनी पड़ी कि बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही फेरों की रस्म शुरू होने वाली थी, दूल्हा लड़खड़ाया और देखते ही देखते स्मैक के नशे में बेहोश होकर जमीन पर गिर गया। मंडप में मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही दुल्हन ने साफ शब्दों में शादी से इनकार कर दिया। दुल्हन पक्ष का कहना था कि नशेड़ी के साथ जिंदगी नहीं बितानी।
इसके बाद माहौल पूरी तरह विस्फोटक हो गया। आरोप है कि गुस्से से तमतमाए दुल्हन पक्ष ने दूल्हे, उसके पिता और एक अन्य बाराती को बंधक बना लिया। गांव में अफरा-तफरी मच गई और शादी का मंडप अखाड़े में तब्दील हो गया।
सूचना मिलते ही खानपुर पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों को शांत कराया। पुलिस की मध्यस्थता से बंधकों को छुड़ाया गया, लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ।
सूत्रों के अनुसार, इज्जत बचाने और विवाद निपटाने के लिए दूल्हा पक्ष को करीब 5 लाख रुपये हर्जाने के तौर पर चुकाने पड़े। इसके बाद कहीं जाकर बारात को बिना दुल्हन के लौटने की इजाजत मिली। यह घटना नशे की लत के खौफनाक अंजाम को उजागर करती है, जहां एक पल की बदहवासी ने न सिर्फ शादी तोड़ी, बल्कि दोनों परिवारों की खुशियों को भी मातम में बदल दिया।
जब इस संबंध में खानपुर थाना अध्यक्ष डीएस कली से बात की तो उन्होंने बताया कि मामला संज्ञान में आया था। जहां पर वर माला के दौरान दुल्हन पक्ष और दूल्हा पक्ष के बीच में कुछ कहासुनी हो गई थी, जिसमें दुल्हन पक्ष के लोगों ने शादी से इनकार कर दिया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी की। वहीं पुलिस दोनों पक्षों को सख्त हिदायत देकर आई थी। थाना अध्यक्ष ने बताया कुछ देर के बाद ग्राम प्रधान द्वारा सूचित किया गया था कि दोनों पक्षों में आपस में समझौता हो गया है। बारात को बिना दुल्हन लिए वापस भेज दिया गया है।


