हरिद्वार। परिवहन विभाग के संयुक्त आयुक्त राजीव मेहरा ने ऋषिकुल राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. नरेश चौधरी को नेक राह-वीर के रूप में सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की समय पर मदद कर उनकी जान बचाने के लिए राह-वीर योजना के तहत प्रदान किया गया।
सरकार की राह-वीर योजना के अंतर्गत ऐसे व्यक्तियों को सम्मानित किया जाता है, जो मोटर वाहन दुर्घटनाओं में घायल लोगों को स्वर्णिम समय के भीतर अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुंचाकर उनकी जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जानकारी के अनुसार, 22 मई 2025 को श्यामपुर कांगड़ी के पास हाईवे पर हुई एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल बिजेन्द्र (48 वर्ष), निवासी टांडा सांवला, नजीबाबाद, जिला बिजनौर तथा सोनू (35 वर्ष), पुत्र मनोहर सिंह को डॉ. नरेश चौधरी ने प्राथमिक उपचार दिलाने के बाद स्वयं अपने वाहन से जिला चिकित्सालय पहुंचाया। इसके बाद अत्यंत गंभीर रूप से घायल बिजेन्द्र को एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराने की व्यवस्था भी उन्होंने अपने स्तर पर कराई। उनकी तत्परता से दोनों घायलों को स्वर्णिम समय में इलाज मिल सका और उनकी जान बच गई।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. नरेश चौधरी ने बताया कि उन्होंने पूर्व में भी कई सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की मदद कर उन्हें समय पर इलाज दिलाने में सहयोग किया है, लेकिन राह-वीर योजना की जानकारी न होने के कारण इसकी सूचना परिवहन विभाग को नहीं दे पाए थे। उन्होंने कहा कि यह योजना सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर को कम करने में निश्चित रूप से सहायक सिद्ध होगी, इसके लिए व्यापक जनजागरूकता आवश्यक है।
इस अवसर पर संयुक्त आयुक्त राजीव मेहरा ने कहा कि डॉ. नरेश चौधरी द्वारा घायलों की जान बचाना समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है और पीडि़तों व उनके परिवारों के लिए एक अमूल्य वरदान है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की निस्वार्थ मानव सेवा समाज में सकारात्मक संदेश देती है।
डॉ. नरेश चौधरी को सम्मानित किए जाने पर आरटीओ संदीप सैनी, श्रीमती अनिता चमोला, एआरटीओ नेहा झा, निखिल शर्मा, परिवर्तन अधिकारी भारत भूषण और वरुणा ने भी उन्हें बधाई देते हुए उनकी सराहना की।


