हरिद्वार। गढ़वाल मंडल विकास निगम द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में उत्कृष्ट व्याख्यान और सराहनीय संयोजन के लिए डॉ. नरेश चौधरी को सम्मानित किया गया। यह महोत्सव उत्तराखण्ड सरकार तथा पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देश-विदेश के विशेषज्ञ विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा कर रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. नरेश चौधरी ने योग का आपदा प्रबंधन में विशेष महत्व और योग तथा आयुर्वेद से रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि विषयों पर व्याख्यान दिया। उनके उत्कृष्ट योगदान और अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 के सफल संयोजन के लिए गढ़वाल मंडल विकास निगम के महाप्रबंधक लक्ष्मी राज चौहान ने उन्हें उत्तराखण्ड शासन की ओर से प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।
अपने संबोधन में डॉ. नरेश चौधरी ने कहा कि आपदा प्रबंधन में योग की महत्वपूर्ण भूमिका है। योग और आयुर्वेद मिलकर न केवल आपदा से प्रभावित लोगों को मानसिक तनाव से मुक्त करते हैं, बल्कि उनकी रोगों से लड़ने की क्षमता भी बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद शरीर को पुनर्जीवित करता है, जबकि योग मन और चेतना को शुद्ध करता है। इस प्रकार दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं।
उन्होंने बताया कि योग मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है, जबकि आयुर्वेद आहार-विहार और दिनचर्या में सुधार के माध्यम से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। डॉ. नरेश चौधरी ने प्रतिभागियों को 2013 केदारनाथ आपदा और कोविड-19 महामारी के दौरान अपने अनुभवों से भी अवगत कराया।
इस अवसर पर गढ़वाल मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक प्रतीक जैन ने भी डॉ. चौधरी के उत्कृष्ट संयोजन और सामाजिक सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि वे अपने मूल दायित्वों के साथ-साथ समाज में जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तित्व को सम्मानित करने से समाज में सेवा और जिम्मेदारी का सकारात्मक संदेश जाता है।
कार्यक्रम में निगम के अपर महाप्रबंधक दीपक रावत और गंगा रिसोर्ट के प्रबंधक राजेन्द्र ढौडि़याल ने भी डॉ. नरेश चौधरी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि अपने मूल दायित्वों के साथ सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी करने वाले व्यक्तित्व समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं।


