डेंगू के भर्ती मरीजों की प्लेटलेट्स काउंटिंग में पाई गई भारी गड़बड़ी

देहरादून के चार बड़े अस्पतालों की पैथोलॉजी लैब की खुल गयी पोल, हुई कार्यवाही

देहरादून । जिलाधिकारी सोनिका द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि डेंगू मरीजों के उपचार एवं जांच में लापरवाई पर कड़ी कार्यवाही की जाए तथा जनपद अवस्थित लैब्स एवं चिकित्सालयों का जिला स्तरीय टीम द्वारा स्थलीय निरीक्षण करते हुए नियमित जांच की जाए।


जिलाधिकारी के निर्देेशों के बाद जिला स्तरीय टीम द्वारा जनपद अवस्थित सविता गोयल पैथोलॉजी लैब, पेनिसिया हॉस्पिटल, सिनर्जी, चिकित्सा कैलाश चिकित्सालय में अनियमितता पाए जाने के फलस्वरूप मुख्य चिकित्साधिकारी की ओर से सम्बन्धित चिकित्सा अधीक्षकों व प्रबन्धकों को कारण बताओ नोटिस जारी किये गए है। जिला स्तरीय टीम ने पाया कि सविता गोयल पैथोलॉजी लैब द्वारा एक डेंगू के भर्ती मरीज (बेबी सनाया, 06 वर्ष) की 51,000 प्लेटलेट्स काउंट की रिर्पाेट दी गई थी किन्तु एनएएलबी लैब से क्रास चैक करने पर 2. 73 लाख पाई गई है।


पैनिशिया अस्पताल एवं पैथोलॉजी लैब में प्लेटलेट्स काउंट का क्रास चैक किया गया है। चिकित्सालय की पैथोलॉजी लैब द्वारा एक डेंगू के भर्ती मरीज (अभिजीत) की 10,000 प्लेटलेट्स काउंट की रिर्पाेट दी गई थी किन्तु सरकारी लैब से क्रास चैक करने पर 32,000 पाई गई है।
सिनर्जी अस्पताल, चिकित्सालय की पैथोलॉजी लैब द्वारा एक डेंगू के भर्ती मरीज (अजय कुमार) की 19,000 प्लेटलेट्स काउंट की रिर्पाेट दी गई थी किन्तु सरकारी लैब से क्रास चैक करने पर 30,000 पाई गई है।


कैलाश अस्पताल, एवं पैथोलॉजी लैब में प्लेटलेट्स काउंट का क्रास चैक किया गया है। चिकित्सालय की पैथोलॉजी द्वारा एक डेंगू के भर्ती मरीज (भगत सिंह) की 14,000 प्लेटलेट्स काउंट की रिपोर्ट दी गई थी किन्तु सरकारी लैब से क्रास चैक करने पर 80,000 पाई गई है।
टीम द्वारा निरीक्षण जांच में पाया गया कि लैब्स रिपोर्ट में अनियमिताएं पाई गई, इस प्रकार की रिपोर्ट से मरीजों के तीमारदारों में घबराहट हुयी है । डीएम के निर्देशों एवं मानकों का सही प्रकार से पालन नहीं किया जा रहा हैं जो कि डेंगू जैसे संवेदनशील प्रकरण को गंम्भीरता से न लेना परिलक्षित होता है।


उक्त पर मुख्य चिकित्साधिकारी देहरादून द्वारा उक्त चिकित्सालयों एवं लैब्स को नोटिस प्रेषित करते हुए तीन दिवस के भीतर लिखित प्रति उत्तर साक्ष्यों सहित उपलब्ध कराने तथा समयान्तर्गत संतोषजनक प्रति उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में सम्बन्धित के विरूद्ध एपेडेमिक डिजीज एक्ट 1897 के अन्तर्गत कार्यवाही की जायेगी।


इसी प्रकार अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बीएएमएस चिकित्सक अजबपुर चौक स्थित क्लिनिक का औचक निरीक्षण किया। जिसमें पाया गया की डा० एस०एस०रावत. आयुर्वेदिक चिकित्सक होते हुए ऐलोपैथिक की प्रैक्टिस कर रहे हैं!


साथ ही इनके द्वारा प्रचुर मात्रा में ऐलोपैथिक दवाईयों का भंडारण बिना औषधि लाइसेंस लिए हुए किया है। इन औषधियों का विक्रय भी मरीजों को किया जा रहा है। जिसके फलस्वरूप सम्बन्धित को नोटिस प्रेषित करते हुए औषधि निरीक्षक देहरादून, मेडिकल पोल्यूसन बोर्ड को उक्त संस्थान का निरीक्षण करते हुए अपने स्तर से उचित कार्यावाही करने को कहा गया है।

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