हरिद्वार। साध्वी कंचन गिरी उर्फ कंचन सिन्हा से जुड़े कथित वायरल वीडियो प्रकरण में अधिवक्ता अरुण भदोरिया ने पुलिस से जांच की मांग की है। उन्होंने हरिद्वार के एसएसपी नवनीत भुल्लर को प्रार्थना पत्र देकर वीडियो की सत्यता, उसे तैयार करने और वायरल करने वाले व्यक्ति की पहचान समेत पूरे मामले की जांच कराने का अनुरोध किया है।
बताया गया कि अधिवक्ता अरुण भदोरिया की ओर से साध्वी कंचन गिरी उर्फ कंचन सिन्हा को कानूनी नोटिस भेजा गया था। नोटिस के जवाब में साध्वी कंचन सिन्हा ने अपने अधिवक्ता अशोक कुमार गडवाल, गाजियाबाद के माध्यम से हस्ताक्षरित जवाब भेजा। जवाब में उन्होंने कथित वीडियो बनाने और उसे वायरल करने से स्पष्ट रूप से इनकार किया है।
जवाब में साध्वी की ओर से यह भी कहा गया है कि वीडियो किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा कथित रूप से तैयार कर वायरल किया गया है। साथ ही उन्होंने निरंजन पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद महाराज, अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रविंद्र पुरी महाराज और जूना अखाड़ा के सचिव हरि गिरि महाराज के प्रति सम्मान व्यक्त किया है।
अधिवक्ता अरुण भदोरिया का कहना है कि वीडियो वायरल होने के बावजूद उसे कथित रूप से वायरल करने वाले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अब तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया है। इसी बिंदु को आधार बनाते हुए उन्होंने पुलिस से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
प्रार्थना पत्र में यह पता लगाने की मांग की गई है कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही महिला कौन है, वीडियो किस व्यक्ति ने तैयार कराया, इसे हरिद्वार के पत्रकारों तक किस नंबर से भेजा गया और सबसे पहले इसे किस व्यक्ति ने वायरल किया। इसके अलावा वीडियो के मूल स्रोत और प्रसार की भी जांच की मांग की गई है।
अधिवक्ता ने यह जांच पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर के माध्यम से कराए जाने का अनुरोध किया है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली महिला कौन है और उसमें कही गई कथित आपत्तिजनक बातें किस व्यक्ति द्वारा कही गई थीं। मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।


