हरिद्वार। मेडिकल कॉलेज जगजीतपुर और भूपतवाला क्षेत्र में बने अस्पतालों के संचालन को लेकर कांग्रेस ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि जनहित में दी गई करोड़ों रुपये की कीमती भूमि पर बने मेडिकल कॉलेज और अस्पताल आज तक पूरी तरह संचालित नहीं हो पाए हैं, जिसके कारण जिले के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है।
प्रेस क्लब सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में ज्वालापुर विधायक रवि बहादुर ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिले का बहुप्रतीक्षित मेडिकल कॉलेज भी सही तरीके से संचालित नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि आज भी मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों या दूसरे शहरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द ही इस मामले में मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। साथ ही आरोप लगाया कि करोड़ों की जमीन मुफ्त में देकर पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, जो जनहित के खिलाफ है।
पूर्व मेयर अनीता शर्मा ने कहा कि संबंधित भूमि उनके कार्यकाल में नगर निगम के सभी पार्षदों की सहमति से जनता के हित में निःशुल्क दी गई थी, ताकि जिले को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। लेकिन आज भी अस्पतालों में ताले लटके हुए हैं, जबकि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत बेहद खराब है। उन्होंने कहा कि कई बार घायल लोग समय पर इलाज न मिलने के कारण रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। उन्होंने प्रशासन से जल्द अस्पताल को पूरी तरह शुरू कराने की मांग की।
प्रेस वार्ता के दौरान जिला अस्पताल की मोर्चरी में चूहों द्वारा शव कुतरने का मामला भी जोर-शोर से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने इसे स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की गंभीर लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमन गर्ग ने कहा कि नगर निगम हरिद्वार ने मेडिकल कॉलेज जगजीतपुर के लिए अपनी जमीन दी थी, लेकिन कई वर्ष बीत जाने के बाद भी सरकार इसे सुचारू रूप से संचालित नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि आगामी नगर निगम बोर्ड बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा कि यदि सरकार मेडिकल कॉलेज को सही ढंग से नहीं चला पाती है तो नगर निगम अपनी दी हुई भूमि वापस लेने पर विचार करेगा।
कांग्रेस नेता मनोज सैनी ने आरोप लगाया कि सरकार मेडिकल कॉलेज को पीपीपी मोड पर देने की तैयारी में थी, लेकिन कांग्रेस के विरोध के कारण यह योजना फिलहाल रुक गई। उन्होंने कहा कि जब शहरों में स्वास्थ्य सेवाओं की यह स्थिति है तो ग्रामीण क्षेत्रों की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है।
प्रेस वार्ता में मौजूद कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों जगह सरकार होने के बावजूद जनता को अपेक्षित स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर जन आंदोलन करने को मजबूर होगी।


