हरिद्वार। उत्तराखण्ड शासन द्वारा मां मंशा देवी मंदिर ट्रस्ट फर्जीवाड़े में हीलाहवाली के चलते सामाजिक कार्यकर्ता वासू सिंह ने एक बार फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी, मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन देहरादून व जिलाधिकारी हरिद्वार को पत्र भेजकर कड़ी कार्यवाही की मांग की है।
प्रेषित पत्र में वासू सिंह निवासी एसएल 171,शिवलोक कालोनी भभुतावाला बाग रानीपुर हरिद्वार ने कहाकि कूट रचित वसीयत नामे के आधार पर खुले आम शासन-प्रशासन, आम जनता की आंखों में धूल झोंक कर सार्वजनिक संपत्ति पर फर्जी ट्रस्ट का गठन कर मां मनसा देवी मंदिर पर चढ़ने वाले लाखों-करोड़ों के दान चढ़ावे का गमन किया जा रहा है। फर्जीवाड़ा करने वाले व्यक्तियों की जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन व प्रभावशाली व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्यवाही की मांग की है।
वासू सिंह ने कहाकि प्रभावशाली व्यक्ति महंत रविंद्र पुरी, अनिल शर्मा, बिंदु गिरी, राज गिरी के विरुद्ध कई शिकायतें शासन-प्रशासन के उच्च अधिकारियांे को प्रेषित की गई है किंतु विडंबना यह है की शिकायती पत्रों पर केवल आज दिनांक तक आदेश ही हुए हैं। आदेशों पर जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई है। उक्त 4 व्यक्ति वर्ष 1903 में मां मनसा देवी मंदिर के नाम की गई रिजर्व फॉरेस्ट की संपत्ति पर कूट रचित वसीयत नामे के आधार पर कब्जा कर फर्जी ट्रस्ट की आढ लेकर लाखों करोड़ों का गमन कर शासन-प्रशासन,आम जनताध्श्रद्धालुओं को गुमराह कर धोखा देते चले आ रहे हैं। पत्र में कहाकि दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रभावशाली व्यक्तियों का प्रभाव इतना बढ़ चुका है की सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी होते हुए भी उक्त व्यक्तियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई है। कहाकि मां मनसा देवी मंदिर से लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी हुई है। ऐसे में हो रहे फर्जीवाड़े और गबन की उच्चस्तरीय कमेटी का गठन कर जांच होनी आवश्यक है। इसके साथ ही फर्जीवाडा, धोखाधड़ी जैसे गंभीर अपराध करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्यवाही जनहित में होनी आवश्यक है, जिससे की आस्था के केंद्र मां मनसा देवी की गरिमा को बचाया जा सके।
इस पत्र के साथ वासू सिंह ने 1903 गजट नोटिफिकेशन, वन जीव प्रतिपालक द्वारा नगर मजिस्ट्रेट को प्रेषित रिपोर्ट, फजीप्रतिलिपि, उप निबंधक द्वारा ट्रस्ट के अपंजीकृत होने संबंधी प्रेषित सूचना, अपंजीकृत ट्रस्ट के लेटर पैड व अपंजीकृत ट्रस्ट द्वारा काटी जा रही रसीद की प्रतियां भी संलग्न की हैं।


