भक्त से ही भगवान का अस्तित्व, ‘मैं’ मिटे तो प्रकट होती है भक्ति : MAAsterG
राधा केवल एक नाम नहीं, शुद्ध प्रेम और निष्काम भक्ति की पराकाष्ठा हैं; जहां ‘मैं’ समाप्त होता है, वहीं से ‘तू’ का एहसास शुरू होता है हरिद्वार। राधा-कृष्ण का संबंध केवल प्रेम की कथा नहीं, […]







