मारपीट के बाद विरोध में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में भजन कीर्तन

हरिद्वार। प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को रोकने और उनके शिष्यों के साथ कथित मारपीट के बाद विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। हरिद्वार के कनखल स्थित शंकराचार्य मठ में भी राम नाम कीर्तन कर इस घटना का विरोध जताया गया। शंकराचार्य मठ में आयोजित कार्यक्रम में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के तमाम शिष्यों ने राम नाम जप किया और आरोप लगाया कि प्रयागराज प्रशासन ने बर्बरता की है, लिहाजा प्रशासन को माफी मांगनी चाहिए। मांग पूरी न होने पर खून से पत्र लिखने और प्रयागराज कूच करने की चेतावनी भी दी है।


इस दौरान भगवताचार्य पंडित पवन कृष्ण शास्त्री का कहना है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती शांतिपूर्ण ढंग से गंगा स्नान करने जा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रयागराज के प्रशासन ने उन्हें जबरन स्नान करने से रोका। इतना ही नहीं उनके शिष्यों के ऊपर बर्बरतापूर्वक लात घूंसों से मारपीट की गई। प्रशासन ने 85 वर्ष के संत को भी नहीं छोड़ा, जिनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उन्होंने मांग की है कि प्रयागराज में धरने पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से प्रशासन माफी मांगे और बर्बरता करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करे। यदि उनकी मांग पूरी नहीं होती तो, देशभर में उनके समर्थक प्रयागराज कूच करेंगे।

श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि प्रयागराज माघ मेले में प्रशासन ने खुले तौर पर जो बर्बरता की है, वो कठोर निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिष्यों को घसीटा गया, जो बिल्कुल भी सहन नहीं किया जा सकता। सभी संगठनों को मिलकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के समर्थन में आवाज उठानी चाहिए और पत्र लिखकर कड़ी कार्रवाई की मांग करनी चाहिए। मांग पूरी होने तक उनका विरोध जारी रहेगा।
पंडित अधीर कौशिक ने साफ किया है कि कल मंगलवार को प्रयागराज प्रशासन के विरोध में खून से पत्र लिखा जाएगा और राष्ट्रपति से बर्बरता करने वाले प्रशासन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की जाएगी। गौरतलब है कि एक दिन पूर्व प्रयागराज में मौनी अमावस्या के मौके पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के काफिले को पुलिस ने संगम तट पर जाने से रोक दिया था, जिससे मेला क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था।

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