नहाती युवती को देखना पड़ा भारी, दो भाईयों को कोर्ट ने सुनाई दो साल की सजा

विनोद धीमान
हरिद्वार।
घर में घुसकर नहाती युवती की निजता भंग करने के मामले में लक्सर की सिविल जज/न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने मुंडाखेड़ा कला निवासी दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए जेल की सजा व एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।


सिविल जज/न्यायिक मजिस्ट्रेट अनुराग त्रिपाठी की अदालत ने गुरुचरणदास पुत्र सुरेश और शुभम पुत्र पप्पू को धारा 452 के तहत दो-दो वर्ष का साधारण कारावास व 500-500 रुपये अर्थदंड तथा धारा 509 के तहत एक-एक वर्ष का साधारण कारावास व 500-500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।


अभियोजन अधिकारी कपिल पंत ने बताया कि 15 अप्रैल 2015 को वादी लाल सिंह खेत में गया हुआ था। घर पर उसकी दो बेटी और दृष्टिबाधित दादी मौजूद थीं। दोपहर करीब दो बजे आरोपी घर पहुंचे और पूछताछ के बहाने अंदर घुस गए। उस समय घर पर कोई पुरुष सदस्य मौजूद नहीं था और युवती स्नान कर रही थी।


आरोप है कि दोनों युवकों ने गलत नीयत से बाथरूम में झांककर युवती की निजता भंग की और उसके कपड़े उठाकर अश्लील गालियां देते हुए मौके से फरार हो गए। शोर सुनकर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी भाग चुके थे।
पीड़ित की तहरीर पर कोतवाली लक्सर में आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354 और 504 में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान धारा 452 भी जोड़ी गई। न्यायालय में सुनवाई के बाद धारा 354 को धारा 509 में परिवर्तित किया गया।


अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया। अभियोजन की ओर से मामले की पैरवी सहायक अभियोजन अधिकारी कपिल पंत ने की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *