दोनों पर मारपीट का आरोप, धरने पर बैठा लेखपाल संघ
विनोद धीमान
हरिद्वार। लक्सर तहसील में आय प्रमाण पत्र को लेकर उपजा विवाद अब अधिवक्ता संघ और लेखपाल संघ के बीच टकराव का रूप ले चुका है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे तहसील परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
एक ओर एडवोकेट एसोसिएशन, लक्सर ने प्रशासन को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि उत्तराखंड लेखपाल संघ द्वारा 21 फरवरी से हड़ताल की धमकी दी गई, जो उत्तराखंड राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली 2002 का उल्लंघन है। अधिवक्ताओं ने इसे शासकीय कार्यों में बाधा बताते हुए संबंधित कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।
वहीं दूसरी ओर लेखपाल संघ ने अधिवक्ताओं के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अपना पक्ष मजबूती से रखा है। लेखपाल संघ का कहना है कि कुछ अधिवक्ता जबरन गलत कार्य कराने का दबाव बना रहे थे। अधिवक्ताओं के अनुसार अधिवक्ता बृजपाल सिंह द्वारा एक आवेदक जसवीर पुत्र करण सिंह, जो बीएसएनएल में “श्रज्व्” पद पर तैनात है, का मात्र 6000 रुपये वार्षिक आय दर्शाते हुए आय प्रमाण पत्र बनवाने का दबाव लेखपाल ऋषु राज पर डाला गया।
लेखपाल ऋषु राज ने नियमों के तहत आय प्रमाण पत्र बनाने से इनकार किया तो, लेखपाल संघ के अनुसार, उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। इसी घटना के विरोध में आज लेखपाल संघ के सभी पदाधिकारी और लेखपाल लक्सर तहसील परिसर में धरने पर बैठे थे तो अधिवक्ताओं ने उनके बोर्य बिस्तर को वहां से फेंक दिया है।
लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष उमेंद्र सिंह ने स्पष्ट कहा कि जब तक उक्त मामले में आरोपी अधिवक्ता के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई नहीं होती और लेखपाल की सुरक्षा व सम्मान सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक संघ का धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने आरोपों पर अड़े हैं। एक तरफ अधिवक्ता संघ प्रशासनिक कार्रवाई की मांग कर रहा है, तो दूसरी तरफ लेखपाल संघ न्याय और सुरक्षा की गारंटी चाहता है। मामले ने तूल पकड़ लिया है और अब निगाहें प्रशासन की भूमिका पर टिकी हैं कि वह कैसे इस विवाद को सुलझाकर तहसील के कार्यों को सामान्य कराता है।


