8-2-3 में बंटे संतों के समीकरण बदलने की चर्चा, एक अखाड़े के समर्थन के ऐलान पर टिकी नजरें
हरिद्वार। तीन धड़ों में बंटी अखाड़ा परिषद में एक बार फिर बड़े उलटफेर के आसार बन रहे हैं। संतों की राजनीति में बदलते समीकरणों के बीच एक गुट की संख्या मौजूदा आठ से बढ़कर नौ होने जा रही है। वहीं, दूसरे दोनों गुटों की संख्या घटकर दो-दो रह सकती है। सूत्रों की मानें तो नासिक कुंभ से पहले यह संख्या बढ़कर दस तक पहुंचने की भी पूरी संभावना है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, संन्यासी परंपरा के एक अखाड़े की 19 नवंबर को प्रस्तावित बैठक में बड़ा फैसला हो सकता है। माना जा रहा है कि अभी तक दूसरे गुट से जुड़े इस अखाड़े की ओर से एक अन्य अखाड़ा परिषद को समर्थन देने का ऐलान कर सकता है। यदि ऐसा होता है तो अखाड़ा परिषद के भीतर शक्ति संतुलन में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
वहीं, संन्यासी परंपरा के एक अन्य अखाड़े के भीतर भी बड़े उलटफेर की चर्चाएं हैं। इस अखाड़े का रुख बदलने की स्थिति में संतों की राजनीति के समीकरण और ज्यादा बदल सकते हैं। हालांकि, इन संभावित बदलावों को लेकर अभी आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है।
मौजूदा चर्चाओं के मुताबिक, अखाड़ा परिषद के एक गुट का संख्या बल नौ तक पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है, जबकि आगे चलकर यह संख्या दस होने की संभावना जताई जा रही है। यदि नए समीकरण बनते हैं तो परिषद से महज एक अखाड़ा अलग-थलग रह सकता है।
हालांकि, सहमति नहीं बनने की स्थिति में अखाड़ा परिषद के तीन गुटों के बीच मुकाबला बना रह सकता है। ऐसे में संख्या बल का समीकरण 10, 2 और 1 का हो सकता है। फिलहाल संतों की राजनीति में संभावित बदलावों को लेकर चर्चाएं तेज हैं और सभी की नजरें 19 नवंबर को प्रस्तावित बैठक पर टिकी हैं।

