कई बाबाओं को बाहर का रास्ता दिखाने से नाराज नागा साधु लामबंद, फैसले के खिलाफ बड़े अभियान की तैयारी की चर्चा
हरिद्वार। हरिद्वार में एक सन्यासी अखाड़े में कई बाबाओं को बाहर का रास्ता दिखाए जाने के फैसले के बाद अंदरूनी खींचतान तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। इस कार्रवाई से नाराज बताए जा रहे अन्य नागा साधुओं में रोष बढ़ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, फैसले से असंतुष्ट साधु अब एकजुट होने लगे हैं और इसके विरोध में बड़े स्तर पर अभियान चलाने की रणनीति तैयार की जा रही है। यदि विरोध की यह लामबंदी तेज होती है तो अखाड़े के भीतर विवाद गहराने की प्रबल आशंका है।
अखाड़े में हुई इस कार्रवाई को लेकर साधु समाज के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि निष्कासन के फैसले से असहमति रखने वाले साधु इसे लेकर अपनी आवाज बुलंद करने की तैयारी में हैं। लामबंद नागाओं का कहना हे कि यदि निष्कासन करना है तो सभी नागाओं का करें।
फैसले के विरोध में एकजुटता की कोशिश
सूत्रों का दावा है कि कार्रवाई से नाराज साधु आपसी संपर्क बढ़ा रहे हैं और विरोध की आगे की रणनीति पर विचार कर रहे हैं। यदि असंतुष्ट साधु एक मंच पर आकर विरोध शुरू करते हैं तो अखाड़े के भीतर नेतृत्व और निर्णय प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में अखाड़े की गतिविधियों और साधु समाज की प्रतिक्रिया पर सबकी निगाहें रहेंगी।
अखाड़े में बढ़ सकती है अंदरूनी खींचतान
संतों और नागा साधुओं की परंपरा में अखाड़ों के संगठनात्मक निर्णयों का विशेष महत्व माना जाता है। ऐसे में कई बाबाओं के निष्कासन के बाद उठ रहे विरोध के स्वर अखाड़े के भीतर मतभेदों को सामने ला सकते हैं। फिलहाल यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अखाड़े का नेतृत्व असंतुष्ट साधुओं की नाराजगी दूर करने के लिए कोई पहल करता है या विरोध आगे चलकर बड़े विवाद का रूप लेता है।

