बिना निर्वाचन पदाधिकारियों की नियुक्ति और वित्तीय अनियमितताओं समेत कई शिकायतों पर मांगा ठोस साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण
वाराणसी। बड़ा हनुमान घाट स्थित धार्मिक संस्था श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के महंत एवं स्वयं को संरक्षक बताने वाले हरि गिरी के खिलाफ शिकायतों के बाद जांच शुरू हो गई है। डिप्टी रजिस्ट्रार सोसायटी, वाराणसी मंडल ने महंत हरि गिरी को पत्र जारी कर शिकायत में लगाए गए आरोपों पर ठोस साक्ष्यों के साथ जवाब मांगा है। शिकायत में संस्था के संविधान के विपरीत कार्य करने, बिना निर्वाचन पदाधिकारियों की नियुक्ति करने और वित्तीय मामलों में कथित अनियमितताओं समेत कई बिंदु उठाए गए हैं।
जानकारी के अनुसार अभिषेक गौड़ नामक व्यक्ति ने महंत हरि गिरी के कथित नियमविरुद्ध कार्यों को लेकर वाराणसी के जिलाधिकारी और डिप्टी रजिस्ट्रार सोसायटी के समक्ष शिकायत की थी। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की। इसके बाद डिप्टी रजिस्ट्रार की ओर से हरि गिरी से शिकायत में लगाए गए आरोपों के संबंध में साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण मांगा गया है।
संरक्षक पद को लेकर भी उठाए सवाल
शिकायतकर्ता का आरोप है कि हरि गिरी स्वयं को जूना अखाड़े का संरक्षक बताते हैं और संस्था से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय उनके स्तर से लिए जाते हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि सोसायटी एक्ट के तहत पंजीकृत संस्था में ‘संरक्षक’ नाम का कोई पद दर्ज नहीं है। इसी आधार पर शिकायतकर्ता ने उनके द्वारा लिए जा रहे निर्णयों और किए जा रहे कार्यों की वैधानिकता पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है।
बिना निर्वाचन नियुक्तियों का भी आरोप
शिकायत में संस्था के पदाधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप लगाया गया है कि निर्धारित निर्वाचन प्रक्रिया का पालन किए बिना पदाधिकारियों की नियुक्तियां की गईं। इसके अलावा संस्था के वित्तीय मामलों में भी कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए रिकॉर्ड की जांच की मांग की गई है। अब रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से मांगे गए जवाब और उपलब्ध कराए जाने वाले दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
अखाड़े की आंतरिक खींचतान भी चर्चा में
मामले को जूना अखाड़े और अखाड़ा परिषद से जुड़े हालिया विवादों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों के बीच अखाड़े की आंतरिक राजनीति और पदों को लेकर खींचतान की चर्चा भी सामने आ रही है। हालांकि, शिकायत के पीछे राजनीतिक या आंतरिक विवाद होने की बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
कुछ दिन पहले अखाड़ा परिषद में भी हरि गिरी और रविंद्र पुरी को लेकर विरोध के स्वर सामने आए थे। कुछ अखाड़ों द्वारा अलग अध्यक्ष और परिषद गठित किए जाने का दावा भी किया गया था। ऐसे में अब जूना अखाड़े से जुड़ी शिकायत और उस पर शुरू हुई प्रशासनिक जांच को लेकर संत समाज में भी चर्चा तेज हो गई है।
हरि गिरी का पक्ष सामने नहीं आया
मामले में महंत हरि गिरी का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन बंद बताया गया। उनकी ओर से शिकायत में लगाए गए आरोपों पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। डिप्टी रजिस्ट्रार की ओर से मांगे गए जवाब के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों पर संस्था की ओर से क्या दस्तावेज और स्पष्टीकरण प्रस्तुत किए जाते हैं।


