जो खुद साधु नहीं वह रुपये लेकर बना रहा मण्डलेश्वर: गोपाल गिरि

छह नाथों को मण्डलेश्वर बनाना केवल फर्जीवाड़ा
हरिद्वार। नाथ सम्प्रदाय में पहली बार बिना किसी आचार्य व अखाड़ों के प्रतिनिधियों के बिना ही छह संतों का महामण्डलेश्वर पद पर पट्टाभिषेक किया गया। कनखल दक्ष मंदिर के समीप स्थित श्री गणेश मंदिर में पट्टाभिषेक समारोह का आयोजन किया गया।


पट्टाभिषेक समारोह को पूरी तरह फर्जी बताते हुए षड दर्शन साधु समाज के श्रीमहंत गोपाल गिरि महाराज ने कहाकि महामण्डलेश्वर वही माना जाता है जिसे अखाड़े व षड् दर्शन साधु समाज, अखिल भारतीय सनातन धर्म रक्षा समिति द्वारा चादर पोशी की जाती हो। किन्तु यहां तो ऐसा हुआ की जो स्वंय साधु बना नहीं बना वह दूसरों को महामण्डलेश्वर बनाने के नाम पर ठगी कर रहा है।


कहाकि इतना ही नहीं ठगी के साथ महामण्डलेश्वर बनाने वाला व्यक्ति नाथ समप्रदाय को भी बदनाम करने का कार्य कर रहा है। श्रीमहंत गोपाल गिरि महाराज ने कहाकि हरिद्वार मंे नाथांे का दलीचा है। 13 अखाड़े हैं। षड् दर्शन साधु समाज, अखिल भारतीय सनातन धर्म रक्षा समिति है, जिसमें 124 समप्रदाय हैं। गुरू श्री गुरू गोरक्ष नाथ अलख अखाडा परिषद कहां से बना और उस किस अखाड़े ने उसे मान्यता दी।

कहाकि जो अपने आप को संजय नाथ बन कर महामण्डलेश्वर बना रहा है वह नाथों के अखाड़े में किस पद पर है। कया उसे 12 पंथ की जमात ने या दलीचे ने, अम्बाला गद्दी, स्थल अभोर गद्दी या गरख डिबी आदि ने कोई नियुक्ति पत्र देकर या दीक्षा देकर नाथ जी का पद या पदाधिकारी बनाया है। कहाकि फर्जी महामण्डलेश्वर बनाकर यह व्यक्ति जनता को ठगने का कार्य कर रहा है।


कहाकि नाथ जी की उपाधि औधडांे या गिरि को ही लगाई जाती है। जो श्री गुरू गोरखनाथ जी ने सिद्ध बाबा ब्रह्म गिरी जी को नाथ जी की उपाधि और 27 मढीयाँ प्रदान की हैं। बताया कि आज हरिद्वार मंे भविका नाथ, ज्ञानेश महाराज, आशुतोश नाथ, योगी नन्द नन्दनाथ, दिपीका नाथ, और सांई मां नाथ को महामण्डलेश्वर बनाने का नाटक कर रूपया लिया गया है वह केवल ठगी के अतिरिक्त और कुछ नहीं है।


मजेदार बात यह कि संन्यासी और नाथ सम्प्रदाय में यह नियम है कि इन सम्प्रदायों का साधु या तो जटाजूट धारण करेगा या फिर घोटम घोट रहेगा, किन्तु मण्डलेश्वर बनाए गए संतों में ज्ञानेश महाराज ने गृहस्थ की भांति सिर पर बाल धारण किए हैं और दाढ़ी-मूंछ कटवाकर संत बने हैं, जो परम्परा के विपरीत है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *