नाथ सम्प्रदाय में नहीं है मण्डलेश्वर बनने की प्रक्रिया, दो संतों के एक लाख देने को तैयार बिचौलिया
हरिद्वार। सब कुछ त्याग कर बाबा बने संतों में पद की चाह ऐसी बढ़ गयी है की वह पद के लिए कुछ भी कुर्बान करने के लिए तैयार हैं। आलम यह है कि अखाड़ों में बिना दान-दक्षिणा के पद नहीं मिला। वहीं मण्डलेश्वर बनने के लिए तो अब लाखों खर्च करने पड़ते हैं। पूर्व में योग्य व्यक्ति को बुलाकर पद दिया जाता था, किन्तु आज पैसे के आगे चार पैर वाला भी कोई भी पद प्राप्त कर सकता है।
ऐसी ही एक नई प्रथा का तीर्थनगरी में सूत्रपात होने जा रहा है। वह नाथ सम्प्रदाय जहां आज तक कोई मण्डलेश्वर नहीं बना वहां शनिवार को हरिद्वार में छह संतों को नाथ सम्प्रदाय का मण्डलेश्वर बनाया जा रहा है। मजेदार बात यह कि मण्डलेश्वर बनाने वाला कोई बड़ा संत या अखाड़ा नहीं एक गृहस्थ व्यक्ति बताया जा रहा है।
सूत्र बताते हैं कि संजय नाथ नाम के एक व्यक्ति ने षडदर्शन साधु समाज के संतों ने भेंटकर 11 नाथ सम्प्रदाय के संतों को मण्डलेश्वर बनाने का प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव पर गौर करते हुए षडदर्शन साधु समाज के पदाधिकारियों ने पट्टाभिषेक में सभी अखाड़ों और सम्प्रदाय के संतों को बुलाने और संतों के भण्डारा करने की बात कही। संतों की इस शर्त को नामंजूर कर दिया गया।
सूत्र बताते हैं कि संजय नाथ ने संतों के समक्ष दो संतों को मण्डलेश्वर बनाने के लिए एक लाख रुपये देने का प्रलोभन दिया। जिसको षडदर्शन साधु समाज के पदाधिकारियों ने सिरे से खारिज कर दिया की बिना संत समाज की उपस्थिति के किसी को कुछ भी नहीं बनाया जा सकता। बावजूद इसके वह आश्वस्त रहा। सूत्र बताते हैं कि 21 फरवरी को कनखल नगरी में छह नाथ सम्प्रदाय के संतों को मण्डलेश्वर बनाया जा रहा है। जिसकी प्रक्रिया प्रातः नौ बजे से आरम्भ होगी। जहां मण्डलेश्वर बनाया जाना है वह स्थान भी दूसरे संत और सम्प्रदाय का है।
मजेदार बात यह कि नाथ सम्प्रदाय में आज तक किसी को भी मण्डलेश्वर नहीं बनाया गया। यह पहला मामला है कि जब किसी नाथ सम्प्रदाय के संतों वह भी एक साथ छह संतों को मण्डलेश्वर बनाया जा रहा है।
इस संबंध मंे नाथ सम्प्रदाय के 12 पंथ जमात के श्रीमहंत किशन नाथ महाराज ने षडदर्शन साधु समाज के संतों को बताया कि नाथ सम्प्रदाय में मण्डलेश्वर बनाए जाने की कोई परम्परा नहीं है। जो कुछ भी किया जा रहा है वह फर्जीवाड़ा है। मजेदार बात यह कि जिन संतों को मण्डलेश्वर बनाया जा रहा है उनकी चादरपोशी कौन करेगा और किस आचार्य के सानिध्य में वह मण्डलेश्वर बनेंगे, इसका भी किसी को कोई पता नहीं है। बताया जा रहा है कि मण्डलेश्वर बनाने का जिम्मा एक पत्रकार के पास है। बड़ी बात यह कि संजय नाथ जिन संतों की उपस्थिति के भरोसे बैठा हुआ है उनमें से भी कोई समारोह में उपस्थित होने वाला नहीं है।


