हरिद्वार। सच में समाजसेवा बड़े काम की चीज है। यह एक बार जिसे लग जाए उसे यश, कीर्ति, धन-सम्पदा प्रदान कर देती है। वर्तमान में तो समाजसेवा का ऐसा ही प्रताप है। हां कुछ वर्षों पूर्व समाज सेवा बड़ा कठिन कार्य होता था। आज जिसे देखो वही समाजसेवी बना हुआ है और समाज सेवी बनकर कुछ लोग मौज भी उड़ा रहे हैं।
कुछ वर्षों पहले समाज सेवा घर फूंक तमाश देख वाली कहावत को चरितार्थ करती थी, किन्तु आज इसके बिल्कुल उलट है। आज समाजसेवा की आड़ में बड़े-बड़े काम किए जा रहे हैं। यहां तक की महल दूमहलें तक तैयार किए जा रहे हैं।
सूत्र बताते हैं कि एक ऐसे ही हरिद्वार के समाजसेवी महल के मालिक बन गए। सूत्रों के मुताबिक एक समाजसेवी ने एक बाबा के थोड़े से पेंच कसे। पेंच कसने पर बाबा कुछ तिलमिलाया। समाजेसवी से मुलाकात के बाबा ने बहाने ढूढ़े और एक दिन बाबा चुपचाप समाजसेवी के द्वार पर जा धमका।
यहां से प्रेमालाप का सिलसिला शुरू हो गया। समाजसेवी के खास सूत्र के मुताबिक समाजसेवी ने बाबा से जमकर लाभ उठाया। दोनों इस डील से खुश नजर आए। धीेर-धीरे मामला आगे बढ़ा और बाबा के पंेच कसने के परिणामस्वरूप समाजसेवी को देश की राजधानी के आसपास के क्षेत्र में एक फ्लैट प्रकट हो गया। सूत्र फ्लैट को बाबा के पेंच कसने का परिणाम बता रहे हैं। फ्लैट थ्री बीएच का बताया गया है।
एक अन्य समाजसेवी भी बाबा के पेंच कस अपना उल्लू सीधा कर चुका है। कौड़ी-कौड़ी को मोहताज हुआ समाजसेवी आज लाखों में खेल रहा है। बाबा की इस पर भी पेंच कसने से कृपा बरसने लगी। अभी कुछ और समाजसेवियों की लिस्ट बाहर आने वाली है। जिन पर पेंच कसने ने बाबा ने अपनी कृपा बरसायी है।


