आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में हम शरीर को नजरअंदाज़ कर देते हैं, लेकिन शरीर हर दिन हमें कुछ संकेत देता है कि वो अंदर ही अंदर थक रहा है, टूट रहा है, और अगर अब भी ना रुके तो बीमारियों का घर बन सकता है।
अगर आपमें ये 6 लक्षण रोज़ देखने को मिल रहे हैं, तो ये सिर्फ थकान नहीं है! ये आपके शरीर की एक इमरजेंसी कॉल है। आइए इन संकेतों को समझते हैं एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से –
सुबह उठते ही थकान महसूस होना (Adrenal Fatigue)
सुबह उठने के बाद भी अगर आप खुद को थका हुआ महसूस करते हैं, तो ये आपका शरीर नहीं बल्कि आपका “adrenal system” है जो थक चुका है। लगातार तनाव और नींद की कमी से cortisol (स्ट्रेस हॉर्मोन) का स्तर बिगड़ता है और शरीर की natural Energy Production प्रभावित होती है।
पेट बार-बार खराब रहना (Gut Inflammation & Dysbiosis)
अगर आपका पाचन रोज़ खराब रहता है, गैस, अपच, भारीपन जैसी समस्या बनी रहती है, तो ये आपकी आंतों में सूजन (Inflammation) और खराब बैक्टीरिया का संकेत है। 70% इम्यून सिस्टम आपकी आंतों से जुड़ा होता है, और जब यही गड़बड़ हो जाए तो पूरी सेहत बिगड़ती है।
रोज़ मूड चिड़चिड़ा रहना (Serotonin Imbalance)
हर छोटी बात पर गुस्सा आना या मन उदास रहना सिर्फ मानसिक तनाव नहीं है, ये serotonin नामक हैप्पी हार्मोन की कमी भी हो सकती है। serotonin का 90% हिस्सा आपकी आंतों में बनता है, इसका अर्थ ये है कि मानसिक सेहत सीधे पाचन से जुड़ी है।
भूख न लगना या बहुत ज्यादा लगना (Hormonal Imbalance)
Leptin और Ghrelin ये दो हार्मोन आपके भूख के सिग्नल कंट्रोल करते हैं। नींद की कमी, प्रोसेस्ड फूड और तनाव से इन हार्मोनों का संतुलन बिगड़ जाता है। नतीजा-कभी भूख बिल्कुल नहीं लगती और कभी ओवरईटिंग होती है।
बाल झड़ना या सफेद होना (Nutritional Deficiencies & Oxidative Stress)
बाल झड़ना और सफेद होना केवल उम्र की निशानी नहीं है। ये शरीर में zinc, biotin, iron, और antioxidants की कमी और free radicals की अधिकता का नतीजा हो सकता है। मतलब, शरीर अंदर से कमजोर हो चुका है।
लगातार सिर दर्द या माइग्रेन (Chronic Inflammation & Poor Sleep)
लगातार सिर दर्द रहना या माइग्रेन का बार-बार आना शरीर में systemic inflammation, poor sleep cycle, और तनाव का नतीजा हो सकता है। ये शरीर का साफ इशारा है कि उसे आराम, सही पोषण और स्ट्रेस मैनेजमेंट की ज़रूरत है।
ये 6 लक्षण सिर्फ मामूली परेशानी नहीं, बल्कि आपके शरीर की आवाज़ हैं जो कह रही है कि अब संभल जाओ। विज्ञान भी मानता है कि lifestyle-related बीमारियाँ सबसे पहले इसी तरह के subtle signs से शुरू होती हैं।
आज से नींद को प्राथमिकता दीजिए, खानपान को सुधारिए, शरीर को हिलाइए, और अपने आप को समय दीजिए क्योंकि अगर शरीर अंदर से रो रहा है, तो बाहर की मुस्कान भी बस एक मुखौटा बनकर रह जाएगी।
अपने शरीर की सुनिए, क्योंकि ये ही एकमात्र जगह है जहां आप ज़िंदगी भर रहने वाले हैं।
Dr. (Vaidhya) Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy
Kankhal, Hardwar
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