नेता, अधिकारी व साधु को बना चुके हैं निशाना, एक और संत निशाने पर
हरिद्वार। पुराने जमाने में विष कन्याओं की चर्चा काफी सुनी है। राजा लोग विष कन्याओं का अपने कार्य के लिए इस्तेमाल किया करते थे, किन्तु आज भी विष कन्याएं हैं और अपने कार्य को बखूबी अंजाम दे रही हैं। बस अंतर केवल इतना है कि उनका कार्य करने का तरीका दबल चुका है। इतना ही नहीं कथित विष कन्याओं के साथ विष पुरूष भी ब्लैकमेलिंग के खेल में बखूबी साथ निभा रहे हैं।
सूत्र बताते हैं कि ऐसी विष कन्याओं और विष पुरूषों ने कथित तौर पर पत्रकारिता की आड़ ली हुई है, जिसके चलते ये लोगों को अपना शिकार बनाकर अपना उल्लू सीधा करने का कार्य बखूबी कर रहे हैं। ऐसी ही एक विष कन्या पूर्व में एक नेता को अपना शिकार बना चुकी है। सूत्र बताते हैं कि इस कथित विष कन्या ने नेता को ब्लैकमेल कर करीब 15 लाख रुपये ऐंठे। इसके बाद भी नेता को लूटने का सिलसिला जारी रहा।
सूत्र बताते हैं कि बिना काम-धंधे वाली इस विष कन्या की लाखों रुपये की प्रापर्टी है। फिलहाल एक भूमि भी क्रय की है। इसके अतिरिक्त अन्य प्रापर्टी भी होना बताया जा रहा है। वहीं एक अधिकारी को अपने माया जाल में फंसाकर इस विषकन्या ने अपना उल्लू सीधा किया। वहीं एक अन्य विष कन्या ने तो कमाल ही कर दिया। सूत्रों की मानें तो इसने एक संत का शिकार किया। पहले तो संत के लिए गैर जनपद से एक रूपसी की व्यवस्था की और संत के पास भेजकर उसको पकड़वाने का काम भी इस विष कन्या ने किया। बड़ी बात यह कि संत को जाल में फंसाने के बाद मामले को निपटाने में भी विष कन्या ने अपनी भूमिका निभायी और संत को बचा भी लिया। इन सबके पीछे जो मकसद था वह उसका पूरा हो गया।
सूत्र बताते हैं कि यह विष कन्या अब एक और बाबा की शरण में है, जहां एक विष पुरूष उसकी मदद के लिए तत्पर रहता है। विष पुरूष का हथयारों की सप्लाई करना भी बताया गया है। बड़े शिकार की तलाश में रहने वाली विषधरों की यह जुगल जोड़ी आम खर्चों के लिए छोटे-मोटे हाथ मारकर अपना जुगाड़ बैठा लेते हैं। वहीं एक बड़े संत की इन पर विशेष कृपा है। संत भी इनकी आड़ लेकर अपने काम निकलवाता है। जिस संत की शरण में यह हैं वह भी किसी विषधर से कम नहीं है। अपनी रंगीन मिजाजी के लिए संत के चर्चे आम हो चुके हैं। बावजूद इसके वह अपने से बड़ा धर्मात्मा किसी को नहीं समझता।
वहीं सूत्र बताते हैं कि विष कन्या एक नए संत को अपना शिकार बनाने की कोशिश में लगी हुई है। जिस कारण से संत परेशान बताया जा रहा है। इसके साथ ही अधिकारियों को भी यह अपना शिकार बना चुकी है। बहरहाल संत को विष कन्या की योजनाओं का आभास हो चुका है। इस कारण से संत विष कन्या के जाल में फंसने वाला तो नहीं है। सूत्र बताते हैं कि संत को आभास होने के बाद भी वह थोड़ा डरा हुआ है। इसका कारण स्पष्ट है कि विष कन्या के पास संत का कोई न कोई राज जरूर है। सूत्र बताते हैं कि इन विषधरों के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी की जा रही है, जिससे समाज और पत्रकारिता दोनों को बचाया जा सके।


