26 सितंबर की रात अलीगढ़ के खैर में बाइक शोरूम स्वामी की हुई हत्या में शामिल एक शूटर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शूटर ने पुलिस पूछताछ में बताया कि महामंडलेश्वर व अखिल भारत हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव अन्नपूर्णा भारती व उनके पति अशोक पांडेय ने अभिषेक को मारने के लिए तीन लाख की सुपारी दी थी।

अलीगढ़ में महामंडलेश्वर व अखिल भारत हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव अन्नपूर्णा भारती (पूजा शकुन पांडेय) और उनके पति अशोक पांडेय ने बाइक शोरूम स्वामी अभिषेक को मारने के लिए तीन लाख की सुपारी दी थी। गिरफ्तार किए गए शूटर ने पुलिस को पूछताछ में यह बात बताई। अन्नपूर्णा भारती निरंजनी अखाड़े की महामण्डलेश्वर बतायी गयी हैं।
खैर के बाइक शोरूम स्वामी अभिषेक गुप्ता की 26 सितंबर की रात हुई हत्या में शामिल रहे एक शूटर फजल को बुधवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बताया कि पुलिस अब दूसरे शूटर की तलाश में जुटी हुई है।
एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने मीडिया से बातचीत में पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि हाथरस के सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र के गांव कचौरा निवासी बाइक शोरूम संचालक अभिषेक गुप्ता की 26 सितंबर की रात खेरेश्वर चौराहा पर बाइक सवार शूटरों ने हत्या कर दी थी।
इसमें परिजनों ने अखिल भारत हिंदू महासभा की राष्ट्रीय सचिव महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती उर्फ पूजा शकुन पांडेय, उसके पति राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक पांडेय व दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने अशोक पांडेय को 28 सितंबर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
एसएसपी ने बताया कि शूटरों व महामंडलेश्वर की तलाश में थाना रोरावर पुलिस, स्वॉट, सर्विलांस व एसओजी की टीम जुटी हुई थीं। पुलिस ने घटनास्थल से लेकर कस्बा खैर व शहर में कई स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो पता चला कि घटना के वक्त दोनों शूटरों में से एक फजल निवासी नींवरी, गोंडा रोड रोरावर बाइक चला रहा था और उसने हेलमेट पहन रखा था, जबकि दूसरे साथी आसिफ निवासी नींवरी रोड सोसायटी का चेहरा खुला हुआ था। पहचान के बाद पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू कर दी।
एसएसपी नीरज जादौन ने बताया कि पूजा शकुन पांडेय व अशोक पांडेय के बताए अनुसार, दो बार फजल व आसिफ ने खैर स्थित अभिषेक गुप्ता के टीवीएस शोरूम पर जाकर रेकी की। घटना वाले दिन फजल व आसिफ मोटरसाइकिल से अपने घर से निकले और कस्बा खैर में जाकर अभिषेक गुप्ता का शोरूम से बाहर आने का इंतजार करने लगे।
अभिषेक का शोरूम के पास ही कमरा भी था। अभिषेक रोजाना अपने पिता व चचेरे भाई के साथ द टाउन पैलेस होटल पर खाना खाने आते थे। किसी कारणवश वह उस दिन खाना खाने नहीं गए। उन्होंने तय कर रखा था कि अभिषेक के बाहर निकलने पर उनकी हत्या करनी है, लेकिन मौका नहीं लगा।
एसएसपी नीरज जादौन ने बताया कि शाम को अभिषेक अपने पिता व चचेरे भाई के साथ रोडवेज बस में बैठकर खेरेश्वर चौराहे की तरफ चले तो उन्होंने रोडवेज बस का पीछा शुरू कर दिया। खेरेश्वर चौराहे पर पहुंचकर अभिषेक गुप्ता अपने पिता व चचेरे भाई के साथ जैसे ही बस से उतरकर पैदल-पैदल आकर सिकंदराराऊ की ओर जाने वाली बस में चढ़ रहे थे, तभी मौका देख आसिफ ने तमंचे से गोली चला दी और घटना को अंजाम देकर मौके से भाग गए।
घटना के बाद पुलिस ने करीब 100 से 125 सीसीटीवी कैमरों को खंगालने के साथ ही सीडीआर भी निकाली तो पता चला कि शूटर फजल व आसिफ की अशोक पांडेय से अगस्त से सितंबर तक 27 बार और पूजा शकुन पांडेय से 11 बार फोन पर बात हुई थी। इसकी मोबाइल फोन में रिकॉर्डिंग भी मिली है।
एसएसपी के अनुसार शूटर फजल वैल्डिंग का काम करता था। वह अशोक पांडेय को करीब सात-आठ साल से जानता है। एक-डेढ़ माह पहले अशोक पांडेय के घर वैल्डिंग का काम चल रहा था। फजल ने बताया कि अशोक पांडेय ने उनसे कहा कि एक लड़के की हत्या करानी है। इसके लिए उसने अपने साथी आसिफ निवासी नींवरी मोड सोसाइटी, थाना रोरावर से बातचीत कराई। तीन लाख रुपये की सुपारी लेकर हत्या करने की बात तय हुई।
इसके कुछ दिन बाद अशोक पांडेय के आवास पर अशोक व पूजा शकुन पांडेय से फजल व आसिफ ने बातचीत की। तब पूजा शकुन पांडेय ने अभिषेक गुप्ता का फोटो दिखाकर कहा कि इसकी हत्या करनी है। हत्या के लिए एक लाख रुपये अशोक पांडेय ने बतौर एडवांस दिए थे। बाकी रकम हत्या करने के बाद देना तय हुआ था।
एसएसपी ने बताया कि पूजा शकुन पांडेय व अभिषेक के बीच काफी करीबी संबंध थे। अचानक अभिषेक ने दूरी बनाना शुरू कर दिया। टीवीएस शोरूम में पार्टनरशिप व लेन-देन करने को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसी विवाद को लेकर पूजा शकुन व अशोक पांडेय ने उसे रास्ते से हटाने का निर्णय ले लिया था।


