माफी मांगे निरंजन पीठाधीश्वर, तीर्थ पुरोहितों ने खोला मोर्चा

प्रयागराज। देश के जाने माने उद्योगपति मुकेश अंबानी की महाकुंभ यात्रा के दौरान संगम पर हुई गंगा पूजा और आरती कराने को लेकर निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि विवादों में घिर गए हैं। तीर्थ पुरोहितों ने निरंजन पीठाधीश्वर के हाथों अंबानी परिवार की पूजा कराए जाने को लेकर सवाल खड़े किए हैं। तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि संगम पर पूजा कराने का अधिकार सिर्फ पंडों और तीर्थ पुरोहितों को है।

निरंजन पीठाधीश्वर ने परंपरा तोड़कर संगम पर अंबानी परिवार की पूजा कराकर दक्षिणा ली। ऐसा करके उन्होंने तीर्थ पुरोहितों का हक छीना है। साथ ही गलत परंपरा की नींव रख दी है। इस पर कैलाशानंद को माफी मांगनी चाहिए। ऐसा न करने पर तीर्थ पुरोहितों ने सड़क पर उतरने की चेतावनी दी है।


रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी बीती 11 फरवरी को अपनी मां कोकिला बेन, दोनों बेटे आकाश, अनंत, बहुएं श्लोका और राधिका मर्चेंट समेत परिवार के 11 सदस्यों के साथ महाकुंभ में स्नान के लिए संगम पहुंच थे। मुकेश अंबानी के साथ उनकी मां कोकिला बेन, उनके दोनों बेटे आकाश अंबानी और अनंत अंबानी, आकाश की पत्नी श्लोका अंबानी और उनके बेटे पृथ्वी व वेदा, अनंत अंबानी की पत्नी राधिका मर्चेंट की एक साथ निरंजन पीठाधीश्वर ने पूजा कराई थी। इस पूजा में मुकेश अंबानी की बहनें नीनाबेन और दीप्तिबेन के अलावा नीता अंबानी की मां पूर्णिमा दलाल और बहन ममता दलाल समेत परिवार के कई शामिल हुए थे। इस पूजा को लेकर तीर्थ पुरोहित समाज नाराज है।


जय त्रिवेणी, जय प्रयाग, गंगा आरती सेवा समिति के अध्यक्ष प्रदीप पांडेय का आरोप है कि निरंजन पीठाधीश्वर ने प्रयाग तीर्थ की परंपरा तोड़ी है। प्रयागराज में संगम पर सिर्फ तीर्थपुरोहितों को ही पूजा, आरती कराने का अधिकार है। इस तरह की नई परंपरा की शुरुआत किसी भी दशा में नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए निरंजन पीठाधीश्वर को माफी मांगनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि

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