हरिद्वार। जिला पंचायत के चुनावों में नामांकन के दौरान फर्जी दस्तावेज दाखिल करने के मामले में मुकद्मा दर्ज करने कोर्ट ने आदेश किए हैं।
बता दें कि पिछले दिनों शिवपुरम पनियाला रोड निवासी संजीव कुमार ने सीजेएम हरिद्वार कोर्ट में शिकायती पत्रों को दाखिल किया और 2022 में बेलड़ा गांव से निर्वाचित ग्राम प्रधान सचिन कुमार व मेहवड खुर्द सीट से जिला पंचायत सदस्य सपना चौधरी द्वारा नामांकन पत्र में तथ्य छुपाकर फर्जी दस्तावेज दाखिल करने संबंधी कई गंभीर आरोप लगाते हुए मामले में तत्काल कारवाई करने की मांग की थी, जिस पर सीजेएम कोर्ट हरिद्वार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संज्ञान लिया और सिविल लाईन कोतवाली पुलिस को तत्काल संदिग्ध व आरोपित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही करने के आदेश दिए। इसके बाद पुलिस ने तत्कालीन खंड विकास अधिकारी ब्लॉक रुड़की, ग्राम रोजगार सेवक सुशील कुमार, मनरेगा जेई रविंद्र कुमार, ग्राम पंचायत बेल्डा के मनरेगा लेखाकार मुनेश कुमार चौहान, निर्वाचित ग्राम प्रधान सचिन रोड पुत्र महेंद्र के साथ ही तत्कालीन लेखपाल अरविंद कुमार सैनी, तत्कालीन तहसीलदार, बाल विकास परियोजना अधिकारी ग्रामीण प्रथम व द्वितीय, खाद्य पूर्ति अधिकारी के साथ ही जिला पंचायत सदस्य सपना चौधरी पत्नी रोहित कुमार, रोहित पुत्र सुशील कुमार, सचिन कुमार पुत्र महेंद्र (ग्राम प्रधान), धर्मवीर पुत्र राजेंद्र, कल्पना पत्नी सचिन कुमार व रितु पत्नी धर्मवीर आंगनबाड़ी कार्यकत्री, सहायिका के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।
तहरीर में शिकायतकर्ता संजीव कुमार पुत्र ओमप्रकाश की ओर से बताया गया है कि मेहवड खुर्द जिला पंचायत सीट से निर्वाचित हुई सपना चौधरी ने नामांकन दस्तावेजों में जो प्रमाण पत्र संलग्न किया है, उसमें उन्होंने जो राशन कार्ड जिसकी संख्या 1737314 है, जिसे ग्राम बेलडा का दर्शाया गया है, उसे आज तक भी विकास खंड रुड़की के ग्राम विकास अधिकारी द्वारा ऑनलाइन दर्ज नहीं किया गया है। साथ ही राशन कार्ड में जो वोटर आईडी जिसकी संख्या 0220434 है, संलग्न की गई है, इस वोटर आईडी पर भी ग्राम विकास अधिकारी के हस्ताक्षर फर्जी प्रतीत होते हैं, इसके अलावा जाति प्रमाण पत्र 4.08.21, स्थाई निवास प्रमाण पत्र संख्या 8.7.21 को तथा परिवार रजिस्ट्री की नकल आदि कागजात तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी व हल्का लेखपाल की मिलीभगत से फर्ची व जाली रिपोर्ट के आधार पर जारी किए गए हैं, जिसमें हल्का लेखपाल द्वारा बेलडा मुस्तकम में सपना चौधरी को 15 वर्ष का स्थाई निवासी दर्शाया गया है और 1985 से सपना चौधरी निवासरत है और जाति रोड दर्शायी गई है। इसके साथ ही जारी प्रमाण पत्र व मूल निवास प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्ट्री की नकल में तथ्यों को छुपाते हुए फर्जी जाति, मूल निवास प्रमाण पत्र व राशन कार्ड बनाकर धन बल का प्रयोग करते हुए जीत दर्ज की गई, जो हर सूरत में निरस्त होने योग्य है। इसके अलावा भी अन्य कहीं गंभीर आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए। जबकि जो बिजली का कनेक्शन सपना चौधरी के नाम पर बेलडा गांव में दर्शाया गया है वह भी जांच में किसी सोमपाल पुत्र मुलहक के नाम पाया गया।
शिकायतकर्ता संजीव ने यह भी बताया कि ग्राम प्रधान पद के नामांकन दस्तावेजों में जो अदेय प्रमाण पत्र जारी किया गया है, जो तथ्यों को छिपाकर किया गया। जबकि प्रधान रहते हुए भी सचिन ने पूर्व अधिकारियों से साज करके मनरेगा के मस्टरोल में मजदूरांे की संख्या अधिक दर्ज कराई गई थी, जिसमें प्रधान रहते हुए सचिन को दोषी पाया गया था, इसमें प्रधान रहते हुए सचिन को 25,844 का भुगतान करने के साथ ही एक हजार रुपए का जुर्माना लगाया था। जिसमें प्रधान रहते हुए सचिन ने एक हजार का जुर्माना आज तक जमा नहीं कराया गया, इसके साथ ही पीसीबी की पाइप लाइन व अन्य मामलो मे भी लाखों करोड़ों का गबन किया गया है। जिसकी जांच भी लंबित है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।


