हरिद्वार। संतों के दो गुटों के बीच खाई को बढ़ाने वाले एक भगवाधारी की मुसीबतें बढ़ने वाली हैं। संतों के बीच खाई बढ़ाकर अपना उल्लू सीधा करने वाले कथित भगवाधारी की करतूत को जानकर अब ठगे गए संतों ने उसके खिलाफ मोर्चा खोलने की ठान ली है। जिसके चलते शीघ्र ही कथित भगवाधारी की करतूत को वह आम जनता के सामने लाने का काम कर सकते हैं। जिस कारण से बाबा की पोल खुलना तय माना जा रहा है।
बता दें कि तीर्थनगरी स्थित अखाड़े की सम्पत्ति को लेकर एक ही सम्प्रदाय के संतों के दो गुटों में विवाद चल रहा था। दोनों गुट ही सम्पत्ति पर अपना मालिकाना हक बता रहे थे। इसी दौरान ट्रस्ट के रजिस्ट्रेशन का रिन्यूवल होना था। जिसके लिए एक पक्ष ने प्रार्थनापत्र दिया। वहीं इसकी भनक लगते ही दूसरे गुट ने भी प्रार्थनापत्र देकर ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन उनके हक में करने की गुहार लगाई। सूत्र बताते हैं कि इसी दौरान एक तीसरे बाबा ने मामले में एंट्री मार ली। उसने दूसरे पक्ष को उनके पक्ष में फैसला करा देने का भरोसा दिलाया।
सूत्र बताते हैं कि बाबा ने इस कार्य के लिए अधिकारियों व नेताओं पर दवाब भी बनाया, किन्तु ईमानदार अधिकारी ने बाबा के दवाब की परवाह नहीं की और सत्य के पक्ष में अपना फैसला दे दिया। फैसला आने पर दूसरे पक्ष के चेहरे की हवाईयां उड़ गई।
सूत्र बताते हैं कि रजिस्ट्रेशन दूसरे पक्ष के नाम करा देने की एवज् में कथित बाबा ने उनसे डेढ़ करोड़ रुपये ले लिए। डेढ़ करोड़ रुपये देने के बाद भी काम न होने पर उन्हें स्वंय के बाबा द्वारा ठग लिए जाने का एहसास हुआ। काम न होने के बाद यदि बाबा पैसा लौटा देता तो बात दूसरी थी, किन्तु काम न होने और पैसा भी ना लौटाने से दूसरा गुट खासा नाराज है। अभी तक एक-दूसरे की गल बहियंा करने वाले बाबा से नाराज हैं। सूत्र बताते हैं कि अब वह शीघ्र ही बाबा की करतूत को मीडिया के माध्यम से जनता के सामने लाने का मन बना चुके हैं। जिससे दूसरे लोग बाबा की ठगी का शिकार होने से बच सकें।


