कांग्रेस विधायक प्रत्याशी, पालिकाध्यक्ष व पूर्व ब्लॉक प्रमुख समेत दस के खिलाफ मुकद्मा दर्ज

कांग्रेस विधायक प्रत्याशी, सितारगंज पालिकाध्यक्ष, पूर्व ब्लॉक प्रमुख समेत 10 लोगों के खिलाफ सितारगंज कोतवाली में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ है। मामला राइस मिल के लेनदेन और लापरवाही को लेकर जुड़ा है। उनके खिलाफ सितारगंज निवासी सचिन अरोड़ा ने मुकदमा दर्ज कराया है। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है।


दरअसल, सितारगंज कोतवाली पुलिस ने सितारगंज के वॉर्ड नंबर 7 निवासी सचिन अरोड़ा की तहरीर पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। जिसमें सितारगंज पालिका अध्यक्ष हरीश दूबे, कांग्रेस से सितारगंज के विधायक प्रत्याशी रहे नव तेजपाल सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख बहादुर सिंह समेत 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि सितारगंज निवासी सचिन अरोड़ा ने पुलिस को तहरीर दी है। जिसमें उन्होंने बताया कि रमेश अरोड़ा और ममता अरोड़ा ने मिलकर मैसर्स जगदम्बा एग्रो सीड्स भिखारीपुर रोड, ग्राम मझोला खटीमा के नाम से एक फर्म पार्टनरशिप में बनाई थी। फर्म के नाम से एक राइस मिल खोली गई। फर्म बनाने के कुछ साल बाद उसके पार्टनर्स नियमानुसार संचालन नहीं कर रहे थे। इस संबंध में सचिन अरोड़ा की ओर से अपने फर्म पार्टनर को कहा गया तो दोनों उनसे अभद्र व्यवहार करने लगे। जिससे उसका अपनी फर्म पार्टनरशिप से विवाद रहने लगा। विवाद समाप्त करने के लिए उसने अपने पार्टनरों से एक लिखित समझौता नामा 6 मई 2018 को गवाहों के समक्ष बनवाया।


समझौते नामे के अनुसार बताया गया कि 6 मई 2018 के बाद फर्म के समस्त लेनदेन बैंक और अन्य सभी जिम्मेदारी पार्टनर की होगी। जिसमें फर्म का भवन का मालिकाना कागजात सचिन अरोड़ा के नाम दर्ज हैं। इसलिए पार्टनर उक्त भूमि और भवन के एवज में सचिन अरोड़ा को एक करोड़ चालीस लाख रुपए अदा करेंगे। फर्म में सचिन अरोड़ा का किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं रहेगा। समझौता नामा होने के बाद प्रार्थी जगदंबा एग्रो सीड्स राय स्टील के समस्त कार्यों से अलग हो गया।
आरोप है कि पार्टनर्स की ओर से सचिन अरोड़ा को रकम अदा नहीं की गई। जब सचिन अरोड़ा ने काफी बार फर्म से अपना नाम हटाने के लिए कहा, लेकिन संबंधित लोगों ने नाम हटाने के लिए सचिन अरोड़ा को किसी प्रकार का सहयोग नहीं किया। जिस पर सचिन अरोड़ा ने अपने पार्टनरशिप फर्म के बैंक खाते के संचालन में विवाद होने के आधार पर लेनदेन पर रोक लगा दिया। उसके पार्टनर ने सचिन अरोड़ा को अपने घर बातचीत के लिए बुलाया। जहां पहुंचने पर नवतेज पाल, निवासी वॉर्ड नंबर 8 सितारगंज, बहादुर सिंह पूर्व ब्लॉक प्रमुख, साकिर पठान उर्फ बब्बू, मृदुल त्रिपाठी, मनीष केंद्र और सौरभ, हरीश दूबे पहले से मौजूद थे।

आरोप है कि सभी लोगों ने उसे धमकाया और 14 फर्म का खाता खुलवाने को कहा। पीडि़त सचिन अरोड़ा ने बताया कि वो जब वो घर पहुंचा तो उसके खिड़की पर किसी ने गोली भी चलाई। जिससे वो काफी डर गए और आनन-फानन में पुलिस को तहरीर दी। साथ ही खाता भी खुलवा लिया। आरोप है कि आरोपियों ने बैंक मैनेजर से मिलकर फर्म के खाते से सभी रुपए निकाल लिए गए और बैंक लोन भी जमा नहीं किया। वहीं, अब सचिन अरोड़ा की तहरीर पर पुलिस ने सभी 10 आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और मारपीट का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

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