लेन-देन का विवाद निपटाने के एवज में मांगी थी रकम
1064 पर मिली शिकायत के बाद सतर्कता विभाग ने बिछाया जाल
हरिद्वार। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सतर्कता विभाग की टीम ने हरिद्वार के रानीपुर थाने में तैनात सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई सोनिया को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि महिला पुलिसकर्मी ने शिकायतकर्ता और दूसरे पक्ष के बीच चल रहे लेन-देन के विवाद में समझौता कराकर मामला निपटाने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। शिकायत की जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद सतर्कता विभाग ने ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया।
सतर्कता विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, विभाग के टोल फ्री नंबर 1064 पर शिकायतकर्ता ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि रानीपुर थाने में तैनात एएसआई सोनिया विवाद का निपटारा कराने के बदले उससे 10 हजार रुपये मांग रही हैं।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सतर्कता विभाग ने पहले मामले की जांच कराई। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद पुलिस अधीक्षक, सतर्कता सेक्टर देहरादून के निर्देश पर ट्रैप टीम गठित की गई। इसके बाद शनिवार को टीम ने सुनियोजित कार्रवाई करते हुए एएसआई सोनिया को शिकायतकर्ता से कथित तौर पर 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत की गई है। गिरफ्तारी के बाद मामले में अभियोग पंजीकृत कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। सतर्कता विभाग की इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं।

