नगर निगम बोर्ड बैठक में हंगामा, पुराने प्रस्तावों की प्रतियां जलाकर कांग्रेस पार्षदों का विरोध

उषा ब्रेको की समयसीमा बढ़ाने की मांग खारिज, प्रस्तावों पर कार्रवाई नहीं होने को लेकर कांग्रेस पार्षदों का हंगामा


हरिद्वार।
नगर निगम हरिद्वार की बोर्ड बैठक सोमवार को टाउन हॉल में शुरू होते ही हंगामे में बदल गई। बैठक में उषा ब्रेको की ओर से समयसीमा बढ़ाए जाने के अनुरोध को बोर्ड ने निरस्त कर दिया, वहीं पिछली बैठकों में पारित प्रस्तावों पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस पार्षदों ने जमकर विरोध किया। पार्षद पुराने प्रस्तावों की प्रतियां लेकर सदन में पहुंचे और विरोध स्वरूप कुछ प्रतियां सदन में ही जला दीं। इससे बैठक का माहौल गरमा गया।


उषा ब्रेको की समयसीमा बढ़ाने के अनुरोध का मामला बैठक में प्रमुखता से उठा। बोर्ड की ओर से इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया गया। इस फैसले के बाद बैठक में यह मुद्दा भी चर्चा का केंद्र बना रहा। हालांकि, समयसीमा बढ़ाने का अनुरोध किस कार्य या अनुबंध से संबंधित था, इस पर बैठक में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई।

पुराने प्रस्तावों पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप
कांग्रेस पार्षदों का आरोप था कि नगर निगम बोर्ड की बैठकों में जनता से जुड़े मुद्दों पर प्रस्ताव पारित तो कर दिए जाते हैं, लेकिन उनके क्रियान्वयन की स्थिति स्पष्ट नहीं होती। पार्षदों ने कहा कि वार्डों की समस्याओं को लेकर वे लगातार सदन में प्रस्ताव और शिकायतें रखते हैं। प्रस्ताव पारित होने के बाद संबंधित विभागों और अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन कई मामले लंबे समय से लंबित हैं। विरोध कर रहे पार्षदों ने कहा कि बोर्ड बैठक को केवल प्रस्ताव पारित करने तक सीमित नहीं रखा जा सकता। प्रस्ताव पर क्या कार्रवाई हुई, उसकी प्रगति क्या है और मामला किस स्तर पर लंबित है, इसकी जानकारी सदन के सामने रखी जानी चाहिए।

सदन में जलाईं पुराने प्रस्तावों की प्रतियां
विरोध के दौरान कांग्रेस पार्षद पुराने प्रस्तावों की प्रतियां हाथों में लेकर सदन में पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में पारित कई प्रस्तावों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के विरोध में कुछ प्रस्तावों की प्रतियां सदन में ही जला दी गईं। पार्षदों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली में भेदभाव का आरोप भी लगाया और सभी वार्डों में विकास एवं जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को समान प्राथमिकता देने की मांग की।

शपथ ग्रहण के बाद शुरू हुआ हंगामा
बोर्ड बैठक से पहले नगर निगम में मनोनीत 12 पार्षदों का शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मंत्री मदन कौशिक ने मनोनीत पार्षदों को शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के बाद वे बैठक से रवाना हो गए। इसके बाद मेयर किरन जैसल और मुख्य नगर आयुक्त नंदन कुमार की मौजूदगी में बोर्ड की नियमित कार्यवाही शुरू हुई। कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस पार्षदों ने पुराने प्रस्तावों पर कार्रवाई को लेकर विरोध शुरू कर दिया। हंगामे के बीच निगम प्रशासन ने बैठक की कार्यवाही आगे बढ़ाने का प्रयास किया।

बंदर, आवारा पशु और सफाई व्यवस्था पर भी सवाल
बैठक में भाजपा पार्षदों ने भी शहर की विभिन्न समस्याओं को लेकर अधिकारियों से जवाब मांगे। सदन में बंदरों, आवारा पशुओं और सफाई व्यवस्था का मुद्दा प्रमुखता से उठा। पार्षदों ने कहा कि शहर के कई इलाकों में बंदरों और आवारा पशुओं की समस्या बनी हुई है। वहीं वार्डों में सफाई व्यवस्था को लेकर भी लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। पार्षदों ने संबंधित अधिकारियों से इन समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई की मांग की।

हंगामे के बीच एजेंडे पर चर्चा जारी
हंगामे के बावजूद बोर्ड बैठक के एजेंडे पर चर्चा जारी रही। कांग्रेस पार्षदों का विरोध मुख्य रूप से पुराने प्रस्तावों पर कार्रवाई नहीं होने और निगम की कार्यप्रणाली को लेकर केंद्रित रहा, जबकि अन्य पार्षदों ने शहर की स्थानीय समस्याओं को सदन में उठाया।

नगर निगम बोर्ड में भाजपा के 45 पार्षद हैं, जबकि तीन पार्षद निर्दलीय हैं और शेष कांग्रेस से हैं। कांग्रेस पार्षदों के विरोध के चलते बैठक में काफी देर तक माहौल गरम रहा। फिलहाल हंगामे और विरोध के बीच बोर्ड बैठक की कार्यवाही जारी है।

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