वोट बचाओ यात्रा की शुरुआत में कांग्रेसियों में घमासान, समर्थकों में चले लात-घूंसे

शिवमूर्ति चौक पर गुरजीत लहरी और जितेंद्र पंवार के समर्थक भिड़े, मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल


हरिद्वार। कांग्रेस की ओर से निकाली गई ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ यात्रा की शुरुआत ही विवाद और हंगामे के साथ हुई। शिवमूर्ति चौक पर कांग्रेस के दो नेताओं गुरजीत लहरी और जितेंद्र पंवार के समर्थक आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच लात-घूंसे चलने लगे। मौके पर कुछ देर अफरा-तफरी का माहौल रहा। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमन गर्ग ने कहा कि मैं रैली के आगे चल रहा था, जिस कारण झगड़े के सम्बन्ध में मुझे जानकारी नहीं है। हां कुछ लोगों ने झगड़े के संबंध में बताया है।


बताया गया कि कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा के शिवमूर्ति चौक पहुंचने के बाद यात्रा सुभाष घाट की ओर रवाना होने लगी। इसी दौरान गुरजीत लहरी और जितेंद्र पंवार के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर जितेंद्र पंवार के समर्थकों ने गुरजीत लहरी के साथ हाथापाई शुरू कर दी। इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थक भी आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते स्थिति मारपीट तक पहुंच गई

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पहले बहस, फिर हाथापाई और देखते ही देखते मच गया बवाल
वायरल वीडियो में दोनों नेताओं के बीच बहस होती दिखाई दे रही है। कुछ लोग बीच-बचाव कर मामला शांत कराने का प्रयास करते हैं, लेकिन कुछ देर बाद अचानक हाथापाई शुरू हो जाती है। इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थक एक-दूसरे से भिड़ जाते हैं और शिवमूर्ति चौक पर कुछ देर तक लात-घूंसे चलते दिखाई देते हैं।


खास बात यह रही कि जिस समय यह विवाद हुआ, उस दौरान यात्रा में प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। यात्रा की शुरुआत में ही नेताओं के समर्थकों के बीच हुए इस विवाद ने पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी को लेकर चर्चाओं को हवा दे दी।


हरीश रावत और काजी निजामुद्दीन गुट से जुड़ी सियासी चर्चा
गुरजीत लहरी को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और उनकी बेटी विधायक अनुपमा रावत का करीबी बताया जाता है, जबकि जितेंद्र पंवार को मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन का करीबी माना जाता है। इसी राजनीतिक खेमेबंदी से जोड़कर भी इस विवाद को देखा जा रहा है।


गुरजीत लहरी ने आरोप लगाया कि जितेंद्र पंवार और उनके समर्थक उनके साथ अभद्रता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जानकारी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को दी जाएगी और उनके समक्ष घटनाक्रम रखा जाएगा।
वहीं, जितेंद्र पंवार ने मारपीट की घटना से इनकार किया है। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमन गर्ग ने कहा कि मारपीट का मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है, क्योंकि वह यात्रा में आगे चल रहे थे।


कांग्रेस की यात्रा के दौरान वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में सामने आए इस विवाद के बाद अब पार्टी स्तर पर मामले को लेकर क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

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